भारत के डिजिटल भुगतान (Digital Payment) क्षेत्र ने पिछले 10 सालों में (ऐसा देखा गया है) बड़े पैमाने पर विकास हुआ है, ऐसा भी कह सकते है कि यूजर्स इसकी ओर बड़े पैमाने पर आकर्षित हुए हैं। विमुद्रीकरण के बाद से तो मानों इसने एक अलग ही रफ्तार पकड़ ली है। इसी कारण हमारा देश दुनिया भर में डिजिटल पेमेंट के मामले में टॉप पर आ चुका है। जैसे-जैसे डिजिटल लेनदेन हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन रहे हैं, वैसे वैसे इसकी सुरक्षा को लेकर की बार की सवाल उठे हैं, अगर आप डिजिटल पेमेंट करते हैं तो कहीं न कहीं आपके मन में भी एक शक रहता है कि क्या यह सुरक्षित है। असल में, इसे लेकर बहुत से लोगों के मन में की सवाल होते हैं। आज हम आपको सुरक्षा की दृष्टि से आपको क्या करना चाहिए, और कैसे कदम उठाने चाहिए, इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस वर्ष डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह के पांचवें संस्करण का आयोजन 10 से 16 मार्च तक कर रहा है। इसका उद्देश्य सुरक्षित और संरक्षित डिजिटल भुगतान विधियों को बढ़ावा देना और उन्हें तेजी से अपनाना है। इस अवसर पर, मास्टरकार्ड एक सुरक्षित और फास्ट डिजिटल भुगतान अनुभव सुनिश्चित करने के लिए 5 महत्वपूर्ण आदतें अपनाने को कहता है। आइए जानते है कि आखिर इन बातों को अपनाकर आप कैसे डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बना सकते हैं।
डिजिटल दुनिया में, पासवर्ड आपकी वित्तीय सुरक्षा की पहली दीवार होते हैं। हालांकि, कमजोर पासवर्ड साइबर अपराधियों के लिए सबसे आसान लक्ष्य बनते हैं। इसी कारण आपको प्रत्येक भुगतान ऐप के लिए मजबूत और सबसे यूनीक और नॉन-ट्रेसेबल पासवर्ड सेट करने चाहिए। नियमित अंतराल पर पासवर्ड अपडेट करने भी जरूरी हैं। इसके अलावा आपको 2 स्टेप वेरीफिकेशन को हमेशा के लिए चालू करने रखना चाहिए।
अपने डिजिटल भुगतान अकाउंट आदि की सुरक्षा को बनाए रखने के लिए आपको हर 60-90 दिन में पासवर्ड बदल देना चाहिए। इसके अलावा आपको सभी एप के लिए एक अलग और स्ट्रॉंग पासवर्ड सेट करना चाहिए। एक ही पासवर्ड का बार-बार उपयोग करने से बचना सुनिश्चित करें।
ऑनलाइन लेन-देन करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप सुरक्षित पेमेंट प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी भी अनजान पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से कोई भी पेमेंट करने से बचना चाहिए।
डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर फ्रॉड/धोखाधड़ी के नए तरीके भी विकसित हो रहे हैं। ऐसे में आपको किसी भी फ़िशिंग ईमेल और फर्जी SMS से सावधान रहना चाहिए। कभी भी अपनी संवेदनशील जानकारी (OTP, कार्ड डिटेल्स) किसी भी अनजान के साथ ऑनलाइन शेयर नहीं करने चाहिए। केवल आधिकारिक और प्रमाणित ऐप्स/वेबसाइटों का उपयोग करना ही सुरक्षित है।
आपके बैंक खाते से जुड़े हर लेन-देन पर नजर रखना बेहद जरूरी है। बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री नियमित रूप से चेक करते रहें। रियल-टाइम अलर्ट और SMS/ईमेल नोटिफिकेशन एनेबल करके रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।
डिजिटल भुगतान (Digital Payment) की सुविधा के साथ सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। इन पांच आदतों को अपनाकर, आप अपने लेन-देन को सुरक्षित बना सकते हैं। जागरूक रहें, सतर्क रहें और अपनी वित्तीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें!
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