QR कोड से करते हैं पेमेंट? पैसा और डेटा दोनों खतरे में, चुटकियों में सफाचट हो सकता है अकाउंट, जानें कैसे बचें

Updated on 09-Feb-2026

देशभर में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ा है और आज बड़ी संख्या में लोग QR कोड स्कैन कर भुगतान करते हैं। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर ठगों ने लोगों को फंसाने का नया तरीका निकाल लिया है। हाल की रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई राज्यों में नकली QR कोड के जरिए लोगों के बैंक खातों से रकम साफ की जा रही है। यह पूरा खेल असली कोड को बदलकर फर्जी कोड लगाने से जुड़ा है।

बताया जा रहा है कि गलियों, पार्किंग एरिया, छोटी दुकानों और चाय स्टॉल जैसी जगहों पर जहां लोग अक्सर छोटी रकम का भुगतान करते हैं, वहां असली QR स्टीकर हटाकर स्कैमर्स अपने नकली कोड चिपका रहे हैं। ये फर्जी कोड ऐसे बनाए जाते हैं कि स्कैन करते ही बड़ी रकम की मांग सामने आ जाती है या फिर सीधे भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे लोगों के खाते से पैसा निकल जाता है।

दो तरह के होते हैं QR कोड

यह समझना जरूरी है कि QR आधारित भुगतान मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। एक वह जिसमें स्कैन करने के बाद ग्राहक खुद अमाउंट डालता है और फिर भुगतान करता है। दूसरा प्रकार ‘पेमेंट रिक्वेस्ट’ वाला होता है, जिसमें पहले से तय रकम ऐड होती है और स्कैन करते ही वही रकम भुगतान के लिए दिखाई देती है। इस तरह के QR कोड किसी भी UPI ऐप के जरिए तैयार किए जा सकते हैं। ठग इसी दूसरे तरीके का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कई सार्वजनिक स्थानों पर असली QR कोड की जगह नकली स्टीकर लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जल्दबाजी में की गई पेमेंट भारी नुकसान करा सकती है। खासकर तब जब व्यक्ति बिना जांचे-परखे स्कैन कर देता है।

सिर्फ पैसा ही नहीं, डेटा भी खतरे में

कुछ मामलों में ये फर्जी QR कोड लोगों को असली जैसे दिखने वाले नकली पेमेंट ऐप्स पर ले जाते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति वहां अपना UPI पिन या OTP डालता है, उसके बैंक खाते से रकम कट जाती है। इसके अलावा, कई बार ऐसे कोड के जरिए मोबाइल में मैलवेयर या वायरस भी डाउनलोड कराए जा रहे हैं। इससे ठग दूर बैठे ही फोन का एक्सेस हासिल कर सकते हैं। एक बार एक्सेस मिलने पर वे बैंकिंग जानकारी से लेकर फोटो गैलरी और पर्सनल डेटा तक देख सकते हैं। यानी यह खतरा सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं, बल्कि निजी जानकारी की सुरक्षा पर भी असर डालता है।

कैसे रखें खुद को सुरक्षित

  • सबसे महत्वपूर्ण है कि भुगतान करते समय जल्दबाजी न करें। QR स्कैन करने के बाद यह सुनिश्चित करें कि अमाउंट आपको खुद डालना है। अगर स्कैन करते ही सीधे पिन डालने या भुगतान मंजूर करने का विकल्प सामने आए, तो सतर्क हो जाएं और प्रक्रिया तुरंत रोक दें।
  • भुगतान के बाद बैंक से आने वाले SMS को ज़रूर चेक करें, ताकि पता चल सके कि कितनी रकम कटी है और किसे गई है।
  • अगर QR स्कैन करने पर आपका ऐप किसी बाहरी लिंक या अलग पेज पर ले जाने की कोशिश करे, तो उसे तुरंत बंद कर दें। संभव है कि वह किसी फर्जी ऐप या हानिकारक सॉफ्टवेयर की ओर ले जा रहा हो।

डिजिटल सुविधा जितनी आसान है, उतनी ही सावधानी भी मांगती है। थोड़ी सी सतर्कता आपके बैंक खाते और निजी जानकारी दोनों को सुरक्षित रख सकती है।

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Faiza Parveen

फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं।

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