क्या आपके Android फोन में है वायरस? आज ही चेक कर लें ये साइन, नजरअंदाज करने पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Updated on 11-Feb-2026

भारत में स्मार्टफोन की दुनिया पर Android का दबदबा है. UPI पेमेंट से लेकर ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया और ऑफिस का काम, सब कुछ अब इसी छोटे से डिवाइस से हो रहा है. लेकिन जितनी तेजी से Android फोन हमारी जिंदगी का हिस्सा बने हैं, उतनी ही तेजी से उनमें Malware का खतरा भी बढ़ा है. अच्छी बात यह है कि हर बार फोन खराब लगने पर सर्विस सेंटर दौड़ने की जरूरत नहीं होती. अगर आप थोड़ी सतर्कता रखें, तो कई खतरे खुद ही पहचान सकते हैं.

Malware क्या है और Android फोन ज्यादा निशाने पर क्यों?

Malware ऐसा खतरनाक सॉफ्टवेयर होता है जो चुपचाप आपके फोन में घुसकर डेटा चुरा सकता है, आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकता है या फोन को धीमा और बेकार बना सकता है. Android फोन इसलिए ज्यादा निशाने पर रहते हैं क्योंकि यहां यूजर सिर्फ आधिकारिक ऐप स्टोर तक सीमित नहीं रहते.

भारत में अक्सर लोग थर्ड पार्टी वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करते हैं. यूजर्स प्रीमियम ऐप को इस्तेमाल फ्री में करने के लिए mod APK इंस्टॉल करते हैं या WhatsApp और SMS पर आए अजीब लिंक पर क्लिक कर देते हैं. यहीं से Malware फोन में घुसने का रास्ता ढूंढ लेता है.

फोन में गड़बड़ी के साफ संकेत

अगर आपका फोन अचानक स्लो हो जाए, बिना वजह गर्म होने लगे या बार बार हैंग और क्रैश हो, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. बैटरी का तेजी से खत्म होना, खासकर तब जब फोन इस्तेमाल में न हो, एक बड़ा चेतावनी संकेत है. कई बार Malware बैकग्राउंड में काम करता रहता है, इसलिए यूजर को तुरंत पता नहीं चलता. लेकिन ये छोटी छोटी बातें आगे चलकर बड़ा नुकसान कर सकती हैं.

फोन में मौजूद ऐप्स जरूर चेक करें

अपने Android फोन की Settings में जाकर Apps सेक्शन खोलें और इंस्टॉल ऐप्स की लिस्ट ध्यान से देखें. अगर कोई ऐसा ऐप दिखे जिसे आपने खुद इंस्टॉल नहीं किया, या जिसका नाम अजीब हो और जो किसी काम का न लगे, तो सतर्क हो जाएं.

अक्सर Malware खुद को टूल, फेक अपडेट या टॉर्च जैसे आम ऐप की शक्ल में छिपा लेता है. शक होने पर उस ऐप का नाम इंटरनेट पर सर्च करें और पूरी जानकारी मिलने के बाद ही फैसला लें.

Permission सेटिंग्स पर रखें नजर

Permission Malware का सबसे आसान रास्ता होती है. Settings में जाकर Privacy और फिर Permission Manager खोलें. यहां देखें कि कौन सा ऐप कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स या मैसेज तक पहुंच मांग रहा है. अगर कोई साधारण कैलकुलेटर जैसा दिखने वाला ऐप कॉल लॉग या मैसेज पढ़ने की अनुमति मांग रहा है, तो यह साफ खतरे का संकेत है. ऐसे ऐप को तुरंत हटाना ही समझदारी है.

डेटा यूज पर भी ध्यान दें

Malware अक्सर चुपचाप बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा खाता रहता है. सेटिंग में Network and Internet और फिर Data Usage सेक्शन में जाकर देखें कि कौन सा ऐप जरूरत से ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहा है. अगर बिना ब्राउजिंग के भी बार बार पॉप अप विज्ञापन दिखने लगें, तो समझ लें कि फोन में Adware घुस चुका है.

सिक्योरिटी ऐप क्यों जरूरी है?

Android फोन में एक भरोसेमंद सिक्योरिटी ऐप होना जरूरी है. हमेशा ऐप्स को Google के Google Play Store से ही डाउनलोड करें और Google Play Protect को ऑन रखें. कभी भी अनजान वेबसाइट से सिक्योरिटी ऐप डाउनलोड न करें, क्योंकि कई बार वही सबसे बड़ा खतरा बन जाते हैं.

अगर फोन खुद से मैसेज भेजने लगे, कॉल करने लगे या बैंकिंग ऐप काम करना बंद कर दे, तो तुरंत कदम उठाएं. संदिग्ध ऐप हटाएं, फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट करें और पासवर्ड बदलें. आखिरी विकल्प के तौर पर डेटा बैकअप लेकर फैक्ट्री रीसेट करना ही सबसे सुरक्षित रास्ता होता है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं.

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