आभासी गर्लफ्रेंड ने लगाया 1.53 लाख रुपये का चूना..एक न्यूड वीडियो से हो गया खेला! अभी नोट कर लें बचने के उपाय

Updated on 12-Jan-2026

भारत में ऑनलाइन डेटिंग और सोशल प्लेटफॉर्म्स के जरिए साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और अब इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि AI भी शामिल हो चुका है। कर्नाटक से सामने आया एक केस दिखाता है कि कैसे AI से बने नकली चेहरे और वीडियो आम लोगों को आसानी से फंसाकर उन्हें लाखों का चूना लगा सकते हैं। एक 26 साल के युवक की कहानी इस बात की चेतावनी है कि डिजिटल भरोसे की कीमत अब पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक हो चुकी है।

डेटिंग ऐप पर बनी पहचान, जो असली थी ही नहीं

पीड़ित युवक ने डेटिंग ऐप Happn पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। कुछ समय बाद उसे ‘ईशानी’ नाम की एक महिला प्रोफाइल से मैसेज मिला। बातचीत बिल्कुल सामान्य थी, काम, रोज़मर्रा की ज़िंदगी, पसंद-नापसंद और हल्की-फुल्की बातें होना शुरू हो चुकी थी। धीरे-धीरे चैट बढ़ी, फोन नंबर शेयर हुए और फिर बातचीत व्हाट्सएप पर होने लगी। युवक को जरा भी अंदाज़ा नहीं था कि जिससे वह बात कर रहा है, वह कोई असली महिला नहीं बल्कि AI से तैयार किया गया एक डिजिटल चेहरा था।

वीडियो कॉल जिसने सब कुछ बदल दिया

5 जनवरी को ईशानी ने युवक को वीडियो कॉल किया। कॉल उठाते ही सामने जो दृश्य था, उसने युवक को असहज कर दिया। महिला न्यूड अवस्था में दिखाई दी और उसने युवक को भी ऐसा ही करने के लिए उकसाया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी वीडियो कॉल के दौरान युवक की जानकारी के बिना उसकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर ली गईं। यही वह पल था, जिसने पूरी कहानी को बातचीत से अपराध में बदल दिया।

रिकॉर्डिंग के बाद शुरू हुआ डर का खेल

वीडियो कॉल खत्म होने के कुछ ही समय बाद युवक के फोन पर वही रिकॉर्ड की गई तस्वीरें और वीडियो भेजे गए। साथ में एक साफ धमकी भी थी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे और उसके दोस्तों, रिश्तेदारों व कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों तक पहुंचा दिए जाएंगे। सामाजिक बदनामी का डर इतना गहरा था कि युवक ने पुलिस के पास जाने के बजाय चुपचाप पैसे देना ही समझदारी भरा हल समझा।

कई खातों से निकले पैसे, कई रास्तों से पहुंचे स्कैमर्स तक

FIR के मुताबिक, युवक ने अलग-अलग किश्तों में कुल 1.53 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इनमें से 60,000 रुपये उसके HDFC Bank खाते से भेजे गए, जबकि 93,000 रुपये उसके एक दोस्त के Kotak Mahindra Bank खाते से ट्रांसफर किए गए। ये रकम अलग-अलग UPI ID के जरिए SBM Bank से जुड़े खातों में जमा करवाई गई थी। पैसे मिलने के बावजूद धमकियां बंद नहीं हुईं, बल्कि और रकम की मांग शुरू हो गई।

जब डर से ऊपर उठकर पुलिस का दरवाज़ा खटखटाया गया

लगातार बढ़ती पैसों की मांग और मानसिक दबाव और तनाव के बाद युवक ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और Bengaluru के सेंट्रल सीईएन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच में पुलिस को जो पता चला, वह और भी चौंकाने वाला था। अधिकारियों के अनुसार, वीडियो कॉल में दिखाई देने वाली महिला कोई असली इंसान नहीं थी, बल्कि AI से तैयार किया गया एक महिला अवतार था। पुलिस को शक है कि यह मामला किसी संगठित साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो इसी तरह कई लोगों को निशाना बना रहा है।

AI अवतार: साइबर अपराध का नया हथियार

पुलिस का कहना है कि अब साइबर अपराधी सिर्फ फर्जी कॉल या लिंक तक सीमित नहीं हैं। AI की मदद से ऐसे चेहरे और वीडियो बनाए जा रहे हैं, जो पहली नजर में पूरी तरह असली लगते हैं। यही वजह है कि आम यूजर को शक होने का मौका ही नहीं मिलता। इस केस में भी तकनीक का इस्तेमाल इंसानी कमजोरी, डर और शर्म को भुनाने के लिए किया गया।

ऐसे AI डेटिंग स्कैम को कैसे पहचानें और खुद को कैसे बचाएं

  • अगर कोई ऑनलाइन प्रोफाइल बहुत जल्दी निजी बातें करने लगे, भावनात्मक जुड़ाव दिखाए या चैट को जल्द ही वीडियो कॉल की ओर ले जाए, तो सतर्क हो जाना चाहिए। स्कैमर्स समय नहीं लेते, वे जल्दी भरोसा जीतना चाहते हैं।
  • वीडियो कॉल के दौरान अगर सामने वाले का चेहरा जरूरत से ज्यादा परफेक्ट लगे, लाइटिंग असामान्य हो, या हाव-भाव थोड़े अटपटे दिखें, तो यह AI अवतार का हिंट हो सकता है। कई बार आवाज और चेहरे की मूवमेंट में हल्का सा फर्क भी नजर आता है।
  • अगर कोई पहली या दूसरी कॉल में ही न्यूडनेस, निजी वीडियो या आपत्तिजनक व्यवहार की ओर बात ले जाए, तो कॉल तुरंत कट कर देने में ही फायदा है। यही ब्लैकमेलिंग का सबसे आम तरीका है।
  • कभी भी डर के कारण पैसे न भेजें। चाहे धमकी कितनी भी गंभीर लगे, पैसे देने से समस्या खत्म नहीं होती, बल्कि और बढ़ जाती है। सबसे सही कदम है तुरंत साइबर क्राइम सेल या पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

सबसे जरूरी सबक

यह मामला सिर्फ एक युवक की आपबीती नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो ऑनलाइन रिश्तों पर आंख बंद कर भरोसा कर लेता है। डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। तकनीक जितनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही समझदारी से उसका इस्तेमाल करना भी अब ज़रूरी हो गया है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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