गर्मी से पहले एसी की सफाई कैसे करें? 90% लोग यहां कर देते हैं गलती

फरवरी खत्म होते-होते गर्मी का पारा बढ़ने लगा है। इसे देखकर ऐसा लग रहा है कि अब एसी के ऊपर लगा कपड़ा हटाने से लेकर AC को स्टोर रूम से निकालकर फिर से चालू करने का समय आ गया है। आपको यहाँ सलाह दी जाती है कि अपने एसी को चलाने से पहले आपको उसकी सर्विस करवा लेनी चाहिए। हालांकि, जैसे जैसे समय बदल रहा है, वैसे वैसे कुछ पारंपरिक तरीके भी उन्नत हो रहे हैं। आजकल एसी की सर्विस भी हाईटेक हो चुकी है। पहले नॉर्मल सर्विस हुआ करती थी, लेकिन अभी पिछले कुछ सालों से जेट पंप से हाई-प्रेशर सर्विस होने लगी है। हालांकि, इसके अलावा नॉर्मल (ड्राई) सर्विस अभी भी होती है?

असल में, आजकल आपके घर पर एसी की सर्विसिंग के लिए आया मैकेनिक आपको दो ऑप्शन देता है, दोनों की कीमत अलग अलग है ऐसे आप जो सर्विस आपकी जेब पर ज्यादा असर न कर रही हो उस एसी सर्विसिंग को चुन सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर कौन सा सर्विस आपके लिए अच्छी रहेगी, जो आपके एसी को फिर से नए जैसा कर दे तो हम आपको दोनों ही सर्विस के बीच का अंतर यहाँ बताने वाले हैं। आइए शुरू करते हैं और जानते हैं।

जेट पंप सर्विस: डीप क्लीनिंग के लिए बेस्ट?

अगर आपका एसी कई महीनों से बंद था, या गर्मियों में रोज 12–18 घंटे चलता है, तो जेट सर्विस ज्यादा असरदार साबित हो सकती है। इसमें हाई-प्रेशर वॉटर पंप से कूलिंग कॉइल्स, फिन्स और ब्लोअर को अंदर तक साफ किया जाता है। ऐसा करने से सालों से जमी धूल, कीचड़ और चिकनाई तक निकल जाती है।

इस सर्विस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंप्रेसर पर लोड कम पड़ता है और कूलिंग बेहतर होती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि गहरी सफाई के बाद बिजली की खपत भी 10–20% तक कम हो सकती है। लेकिन ध्यान रखें, अगर टेक्नीशियन अनुभवहीन हो तो हाई प्रेशर से कॉइल्स की नाजुक फिन्स मुड़ सकती हैं। इसलिए जेट सर्विस करवाते समय भरोसेमंद और अनुभवी सर्विस करने वाले को ही चुनना चाहिए।

ड्राई या नॉर्मल सर्विस: परंपरागत सर्विस का तरीका?

अगर पिछले सीजन के अंत में जेट सर्विस हो चुकी है और आपका एसी रोज सिर्फ 5–7 घंटे चलता है, तो ड्राई सर्विस काफी हो सकती है। इसमें एयर फिल्टर धोया जाता है, अंदर के हिस्सों को ब्रश या स्प्रे से साफ किया जाता है।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सस्ती होती है और पानी से पीसीबी या सेंसर खराब होने का खतरा लगभग नहीं रहता। हालांकि, इसकी सीमा यह है कि यह केवल ऊपरी सफाई करती है। इससे कॉइल्स के गहरे कोनों में जमी धूल पूरी तरह साफ नहीं हो पाती।

क्यों जरूरी है कॉइल्स की गहरी सफाई?

एसी की कूलिंग पूरी तरह हीट एक्सचेंज पर निर्भर करती है। जब कॉइल्स धूल से भर जाती हैं, तो गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे कंप्रेसर ज्यादा मेहनत करता है, बिजली की खपत 10–25% तक बढ़ सकती है और ठंडक भी कम महसूस होती है। साथ ही गंदे एसी में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो सांस से जुड़ी दिक्कतें बढ़ा सकते हैं।

साफ एसी बिजली की खपत भी कम करता है

एक साफ एसी, गंदे एसी की तुलना में 15–20% तक कम बिजली खपत करता है। अगर आपका एसी पहले जैसा ठंडा नहीं कर रहा, आवाज ज्यादा कर रहा है या कमरे को ठंडा करने में ज्यादा समय ले रहा है, तो यह हिंट है कि उसे डीप क्लीनिंग की जरूरत है।

आखिर कौन सा ऑप्शन है बेस्ट?

अब अगर आप जानना चाहते हैं कि कौन सी एसी सर्विसिंग आपके लिए बेस्ट हो सकती है तो यह आपके एसी के उपयोग करने पर पूरी तरह से निर्भर करता है।

  • अगर एसी धूलभरे इलाके में लगा है या लंबे समय से सर्विस नहीं हुई तो आपको जेट सर्विस का ऑप्शन लेना चाहिए।
  • अगर हाल ही में डीप क्लीनिंग हुई है और उपयोग सीमित है तो आपको परंपरागत ड्राई सर्विस पर्याप्त हो सकती है।

हालांकि, इसके बाद भी आपको यह सलाह दी जाती है कि अगर आप किसी भी सर्विस को चुन रहे हैं तो आप गर्मियों में एसी को शुरू करने से पहले करवा जरूर लेनी चाहिए।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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