air conditioner
गर्मी में एयर कंडीशनर (AC) कमरे को ठंडा करने का सबसे बेहतरीन डिवाइस है. बढ़ती बिजली दरें, लंबा होता गर्मी का मौसम और घरों के बदलते साइज के कारण सही AC चुनना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है. बाजार में Split, Window, Inverter, Non-Inverter, 3 स्टार, 5 स्टार जैसे कई विकल्प मौजूद हैं. हालांकि, बिना जानकारी के AC की खरीदारी करना महंगा साबित हो सकता है. अगर आप पहली बार AC खरीद रहे हैं या पुराने मॉडल को बदलना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों को समझना जरूरी है.
Split AC में एक इनडोर और एक आउटडोर यूनिट होती है. यह कम शोर करता है और बड़े या मध्यम साइज के कमरों के लिए बेहतर माना जाता है. इसमें Inverter तकनीक का विकल्प ज्यादा मिलता है, जिससे बिजली की बचत होती है. हालांकि इसकी शुरुआती कीमत ज्यादा होती है और इंस्टॉलेशन प्रोफेशनल से कराना पड़ता है.
Window AC छोटे कमरों और किराये के घरों के लिए ठीक रहता है. यह एक ही यूनिट में आता है और इंस्टॉलेशन आसान होता है. लेकिन शोर थोड़ा ज्यादा हो सकता है और कूलिंग क्षमता सीमित रहती है.
इसके अलावा Portable AC ऐसे लोगों के लिए हैं जो स्थायी इंस्टॉलेशन नहीं कर सकते. बड़े ऑफिस या कमर्शियल जगहों के लिए Cassette या Central AC बेहतर विकल्प होते हैं.
Inverter AC जरूरत के हिसाब से कंप्रेसर की स्पीड बदलता है. इससे बिजली की खपत कम होती है और तापमान स्थिर रहता है. यह लंबे समय तक चलाने वालों के लिए बेहतर है.
Non-Inverter AC तय स्पीड पर चलता है और बार बार ऑन ऑफ होता है. इससे बिजली की खपत ज्यादा होती है, लेकिन शुरुआती कीमत कम रहती है.
AC का साइज उसके बाहरी आकार से नहीं बल्कि कूलिंग क्षमता से तय होता है. कमरे के साइज के अनुसार टन क्षमता चुनना जरूरी है. बहुत छोटा AC होगा तो लगातार चलेगा और बिजली ज्यादा खपत करेगा. बहुत बड़ा होगा तो बार बार बंद चालू होगा और कमरे में असमान ठंडक देगा.
BTU यानी British Thermal Unit यह बताता है कि AC एक घंटे में कितनी गर्मी बाहर निकाल सकता है. सही BTU चुनने से कूलिंग प्रभावी रहती है और बिजली बिल नियंत्रित रहता है. छत की ऊंचाई, खिड़कियों की संख्या और धूप की दिशा भी ध्यान में रखें.
भारत में AC की रेटिंग 1 से 5 स्टार तक होती है. 5 स्टार AC महंगा होता है लेकिन बिजली कम खपत करता है. अगर AC रोज कई घंटों तक चलता है तो 5 स्टार मॉडल बेहतर रहेगा. कम इस्तेमाल के लिए 3 स्टार भी पर्याप्त हो सकता है.
ऊर्जा दक्षता के लिए EER या SEER रेटिंग भी देखें. R-32 या R-290 जैसे पर्यावरण अनुकूल रेफ्रिजरेंट बेहतर माने जाते हैं.
आजकल कई ब्रांड जैसे LG, Samsung और Havells स्मार्ट फीचर वाले AC दे रहे हैं. इनमें WiFi कंट्रोल, मोबाइल ऐप, टाइमर, AI कूलिंग और एनर्जी मॉनिटरिंग शामिल हैं. इनडोर एयर क्वालिटी के लिए HEPA या PM2.5 फिल्टर, आयोनाइजर और ऑटो क्लीन मोड वाले मॉडल बेहतर रहते हैं, खासकर प्रदूषित शहरों में.
AC को नियमित सर्विस की जरूरत होती है. फिल्टर की सफाई हर दो हफ्ते में करनी चाहिए. कंप्रेसर पर 5 से 10 साल तक की वारंटी देखना जरूरी है. कॉपर कंडेंसर एल्युमिनियम से ज्यादा टिकाऊ और मरम्मत में आसान होता है.
पहली बार चालू करते समय कमरे को जल्दी ठंडा करने के लिए कम तापमान सेट करें. बाद में 25 डिग्री सेल्सियस ऊर्जा बचत और आराम के लिए बेहतर माना जाता है.
AC खरीदते समय सिर्फ कीमत न देखें. बिजली बिल, मेंटेनेंस खर्च, इंस्टॉलेशन जरूरत और लंबे समय का उपयोग ध्यान में रखें. सही चुनाव से आप सालों तक आराम और बचत दोनों पा सकते हैं.
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