देश के करोड़ों आधार कार्ड धारकों के लिए यह एक बेहद अहम अपडेट है। भारत सरकार ने Aadhaar Vision 2032 डॉक्यूमेंट जारी करके इस बात को साफ कर दिया है कि आने वाले सालों में आधार कार्ड का पूरा सिस्टम नए सिरे से बेहद ही मजबूत और स्मार्ट बन जाने वाला है। बढ़ते डिजिटल यूज, रोजाना करोड़ों वेरिफिकेशन और साइबर फ्रॉड के खतरे को देखते हुए सरकार आधार कार्ड को भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है। इस विजन डॉक्यूमेंट का मकसद सिर्फ टेक्नोलॉजी अपग्रेड करना नहीं है, बल्कि किसी भी नागरिक की पहचान की वेरीफिकेशन को ज्यादा से ज्यादा फास्ट, आसान और ज्यादा सुरक्षित बनाना है, ताकि आम लोगों को बार-बार बायोमैट्रिक फेल होने जैसी परेशानियों से न गुजरना पड़े।
फिलहाल देश में हर दिन करोड़ों लोग आइडेंटिटी के लिए वेरीफिकेशन के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार आधार के तकनीकी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। Aadhaar Vision 2032 में बताया गया है कि अब आइडेंटिटी के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर नई टेक्नोलॉजी अपनाई जाएगी।
इस योजना के तहत सरकार फिंगरप्रिंट के स्थान पर अब से Facial Recognition को प्राथमिकता देने वाली है। इसकि तैयारी भी जोरों से चल रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में सिर्फ चेहरे की पहचान से ही आधार वेरिफिकेशन संभव हो सकेगा। ऐसा होने से बुजुर्गों, मजदूरों और बच्चों को होने वाली बायोमैट्रिक दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
फिलहाल रोजाना करीब 9 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन होते हैं, जिनमें से लगभग 1 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पूरे किए जाते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर महीने 100 करोड़ आधार वेरिफिकेशन केवल फेस ऑथेंटिकेशन से किए जाएं।
Aadhaar Vision 2032 के तहत आधार सिस्टम में AI, Cloud Computing, Blockchain और Quantum Computing जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य एक ऐसा आइडेंटिटी सिस्टम बनाना है जो फास्ट होने के साथ साथ सुरक्षित भी हो और फ्रॉड आदि से भी बचा रहे।
UIDAI के CEO भुवनेश कुमार की मानें तो, AI की मदद से चेहरे के डेटा के आधार पर आइडेंटिटी वेरीफिकेशन किया जाने वाला है। इससे बार-बार फिंगरप्रिंट देने की जरूरत खत्म होगी और तकनीकी फेल्योर भी कम हो जाने वाले हैं। आम यूजर्स के लिए आधार वेरिफिकेशन पहले से कहीं ज्यादा स्मूद भी हो जाने वाला है।
सरकार बच्चों और युवाओं के आधार डेटा को लेकर भी सतर्क है। अब तक करीब 5 करोड़ बच्चों और युवाओं (किशोरों) के बायोमैट्रिक अपडेट किए जा चुके हैं। यह सुविधा सितंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी, ताकि उम्र के साथ बदलने वाले बायोमैट्रिक डेटा सही तरीके से अपडेट होते रहें।
आधार के नए टेक्निकल फ्रेमवर्क को लेकर बनी विशेषज्ञ समिति जल्द ही अपना ड्राफ्ट तैयार करेगी। मार्च में यह रिपोर्ट UIDAI को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर 2032 तक के लिए आधार की पूरी टेक्नोलॉजी दिशा तय की जाएगी। मौजूदा तकनीकी अनुबंध 2027 में खत्म हो रहा है, जिसके बाद नया लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट किया जाएगा।
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