सस्पेंस का फुल डोज हैं ये फिल्में/सीरीज.. क्लाइमैक्स ने बनाया दर्शकों की फेवरिट! आखिरी वाली देख घूम जाता है दिमाग

Updated on 08-Jan-2026

अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो धीरे-धीरे आपके दिमाग में घुसती हैं, हर सीन के साथ शक बढ़ाती हैं और आख़िर तक आपको टीवी या मोबाइल स्क्रीन से नज़र हटाने नहीं देतीं, तो OTT प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद ये थ्रिलर फिल्में आपके लिए ही हैं। ये वो कहानियां हैं जिनका असर फिल्म खत्म होने के बाद भी बना रहता है। कई बार आप इनके क्लाइमैक्स के बारे में सोचते रह जाते हैं और दोस्तों से बहस करने लगते हैं कि असल में हुआ क्या था? यहां हम ऐसी 7 थ्रिलर फिल्मों की बात कर रहे हैं जिन्हें सही मायनों में सस्पेंस की बाप कहा जा सकता है।

Drishyam एक आम आदमी की असाधारण कहानी है, जो अपने परिवार को बचाने के लिए सिस्टम से भी ज़्यादा चालाक बन जाता है। अजय देवगन का किरदार धीरे-धीरे परतें खोलता है और फिल्म का क्लाइमैक्स आपको मजबूर कर देता है कि आप कहानी को दोबारा सोचें। यही वजह है कि दृश्यम आज भी मिस्ट्री थ्रिलर की बेंचमार्क मानी जाती है।

Gone Girl रिश्तों, धोखे और माइंड गेम्स की एक खौफनाक तस्वीर पेश करती है। रोज़मंड पाइक का किरदार ऐसा असर छोड़ता है कि आप आख़िर तक तय नहीं कर पाते कि पीड़ित कौन है और खलनायक कौन। फिल्म हर मोड़ पर आपको ग़लत दिशा में सोचने पर मजबूर करती है।

Andhadhun डार्क ह्यूमर और सस्पेंस का ऐसा कॉकटेल है जो बॉलीवुड में कम ही देखने को मिलता है। आयुष्मान खुराना का अंधा पियानो प्लेयर सच में अंधा है या नहीं- यही सवाल पूरी फिल्म को खतरनाक रूप से दिलचस्प बनाता है।

The Invisible Guest एक ऐसी फिल्म है जहां हर नया सीन आपकी पिछली सोच को गलत साबित कर देता है। मर्डर मिस्ट्री के नाम पर यह फिल्म दिमाग से खेलती है और एंडिंग इतनी शार्प है कि आप तुरंत रिवाइंड करने का मन बना लेते हैं।

Kaun? सीमित किरदारों और एक बंद घर के अंदर ऐसा सस्पेंस रचती है, जो आज भी मिसाल माना जाता है। मनोज बाजपेयी और उर्मिला मातोंडकर की परफॉर्मेंस फिल्म को असहज लेकिन बेहद प्रभावशाली बना देती है।

The Girl with the Dragon Tattoo रहस्य, हिंसा और जांच का ऐसा अंधेरा संसार दिखाती है, जहां हर सच के पीछे और भी खौफनाक सच छिपा है। डेविड फिन्चर की स्टाइल इसे और भी यादगार बनाती है।

Talvar सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि सच के कई वर्ज़न दिखाती है। इरफान खान की सधी हुई एक्टिंग और कहानी की परतें दर्शक को जज बना देती हैं कि आखिर सच किसके करीब है।

अगर आप थ्रिलर के शौकीन हैं और ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं जो खत्म होने के बाद भी दिमाग में घूमती रहें, तो ये सातों फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: एक लाख बार देखने पर भी नहीं करती बोर.. गजब के ह्यूमर से लबरेज हैं ये फिल्में, इनके आगे पंचायत भी भरती है पानी

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

Connect On :