तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव

AANYA SHUKLA 

भारतीय रेल ने तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, अब यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले कुछ नए कदम पूरे करने होंगे। इन नियमों का उद्देश्य फर्जी बुकिंग और दलालों पर रोक लगाना है ताकि असली यात्रियों को टिकट आसानी से मिल सके।

अब IRCTC अकाउंट से टिकट बुक करने से पहले यात्री को अपना आधार कार्ड वेरिफाई करना होगा, अगर आपका अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, तो आप तत्काल  टिकट बुक नहीं कर पाएंगे, रेलवे का कहना है कि इससे फर्जी अकाउंट और एक ही व्यक्ति द्वारा कई टिकट बुक करने की समस्या खत्म होगी।

आधार वेरिफिकेशन

अब टिकट बुक करते समय मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा, टिकट तभी बुक होगा जब वह OTP सफलतापूर्वक दर्ज किया जाएगा, यह नियम ऑनलाइन और काउंटर दोनों बुकिंग के लिए लागू किया जा रहा है, ताकि केवल वास्तविक यात्री ही टिकट बुक कर सके।

OTP वेरिफिकेशन

तत्काल टिकट की बुकिंग का समय पहले जैसा ही रहेगा, AC क्लास के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर क्लास के लिए सुबह 11 बजे टिकट बुकिंग शुरू होगी, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने भुगतान विवरण, यात्री जानकारी और आईडी पहले से तैयार रखें ताकि समय पर बुकिंग पूरी की जा सके।

बुकिंग का समय 

रेलवे ने अब नए तकनीकी टूल्स लगाए हैं जो बॉट या स्क्रिप्ट के ज़रिए टिकट बुक करने की कोशिश को पहचान लेंगे, इससे दलालों द्वारा टिकट ब्लॉक करने और ऊंचे दामों पर बेचने की घटनाओं पर रोक लगेगी, रेलवे का कहना है कि इससे असली यात्रियों को सीट मिलने का बेहतर मौका मिलेगा।

कड़ी निगरानी

पहले कुछ सेकंड में एजेंट और सॉफ़्टवेयर के ज़रिए टिकट बुक हो जाते थे, जिससे आम लोगों को टिकट नहीं मिल पाता था, अब आधार और OTP वेरिफिकेशन के कारण शुरुआती मिनटों में केवल वास्तविक यात्री ही टिकट बुक कर पाएंगे, इससे टिकट वितरण प्रणाली और पारदर्शी बनेगी।

मिलेगा फायदा

रेलवे की जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में तत्काल टिकट दलालों और ऑटोमेटेड बॉट्स के ज़रिए बुक हो जाते थे, इस वजह से असली यात्रियों को सीट नहीं मिलती थी, अब नई प्रणाली के ज़रिए रेलवे इन गतिविधियों पर रोक लगाकर सभी के लिए टिकट बुकिंग को निष्पक्ष बनाना चाहता है।

बदलाव क्यों