सर्दी में राहत या जोखिम? जानिए हीटर से होने वाले नुकसान और उनके समाधान

AANYA SHUKLA 

सर्दी से बचने के लिए हीटर जरुरी है लेकिन जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल से सेहत और बिजली दोनों पर पड़ सकता है असर आइये जानते है इसका सही और स्मार्ट तरीका। 

सर्दियों में जब तापमान गिरता है, तो रूम हीटर हमारे सबसे बड़े साथी बन जाते हैं। लेकिन कई लोग इन्हें घंटों तक चलाए रखते हैं, जिससे कमरे की हवा सूख जाती है। इससे त्वचा में रूखापन, आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

हीटिंग हीटर की गर्मी कब बन जाती है नुकसानदायक?

लगातार हीटर चलाने से बिजली का बिल बढ़ता है और ओवरलोडिंग का खतरा भी रहता है। कई मामलों में हीटर से आग लगने की घटनाएं भी सामने आती हैं, खासकर जब पुराने वायरिंग या मल्टीप्लग का इस्तेमाल किया जाता है।

बिजली का बढ़ता बोझ और सुरक्षा खतरे

ह्यूमिडिफ़ायर या पानी का कटोरा रखें, स्मार्ट थर्मोस्टेट वाला हीटर चुनें, टाइमर सेट करें और बिजली सुरक्षा पर ध्यान दें

कैसे करें हीटर का स्मार्ट इस्तेमाल

आज के समय में ऑयल-फिल्ड रेडिएटर हीटर, स्मार्ट पैनल हीटर और ब्लोअर के साथ थर्मो-कंट्रोल तकनीक वाले हीटर ज्यादा सुरक्षित और किफायती साबित हो रहे हैं। ये न सिर्फ बिजली बचाते हैं बल्कि हवा की नमी भी बनाए रखते हैं।

एनर्जी-इफिशिएंट विकल्प भी अपनाएं

इलेक्ट्रिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि  हीटर से बचाव का सबसे आसान तरीका है बैलेंस्ड यूज़  यानी कमरे की वेंटिलेशन खुली रखें, नमी बनाए रखें और लगातार इस्तेमाल से बचें।

एक्सपर्ट की राय

हीटर हमारे सर्दियों के साथी हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल समझदारी से करना ज़रूरी है। थोड़ी सावधानी और टेक्निकल समझ से आप सर्दी में रहेंगे गर्म, सुरक्षित और सेहतमंद।