AANYA SHUKLA
मकर संक्रांति के इस पावन पर्व पर आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन हो।
तेरी मुस्कान की तरह मीठा हो मेरा त्योहार, जैसे उड़ती पतंग, वैसे ही ऊँची हो हमारे प्यार की उड़ान!
उड़े पतंग आसमान में, लेकर खुशियों की बात, तिल-गुड़ की मिठास में, बसी रहे अपनी जात।
तिल की मिठास, गुड़ की बात, उड़े पतंगें दिलों के साथ
जैसे पतंग ऊँचाइयों को छूती है, वैसे ही आपके सपने भी आसमान छू लें।
चलो तिल-गुड़ खाएँ, पतंग उड़ाएँ, दिल से दिल मिलाएँ, खुशियाँ मनाएँ!
सूरज की किरणें और तिल-गुड़ की मिठास, आपके जीवन में लाएँ खुशियों का प्रकाश!