AANYA SHUKLA
सर्दियों में रूम हीटर कई लोगो के लिए राहत का जरिया होता है लेकिन यही आराम कई बार खतरे में बदल सकती है अक्सर हीटर चलते समय लोग कमरा बंद कर लेते हैं और यही से शुरू होता है हीटर का शरीर पर असर.
जब कमरा बंद होता है और हीटर लगातार चलता रहता है तो कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्सइड गैस बढ़ जाती है जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक होती है ऐसे में व्यक्ति को सर दर्द, थकान और चक्कर जैसी परेशानी महसूस हो सकती है.
रूम हीटर का गलत तरीके से इस्तेमाल कई तरह की दिक्कत पैदा कर सकता है जैसे सिर दर्द, आँखों में जलन, त्वचा का सूखापन, कमज़ोरी और अगर लंबे समय तक हीटर बंद कमरे में चलता रहे तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
अगर आप रूम हीटर का इस्तेमाल करते है तो कुछ बातो का ध्यान रखना जरुरी है जैसे कमरे में थोड़ी वेंटिलेशन रखे ताकि हवा आती जाती रहे, हीटर को लगातार ना चलाये, कमरे में एक कटोरी पानी रखे ताकि नमी बानी रहे और हीटर से कम से कम दो मीटर की दुरी बनाये रखे.
ऑइल फिल्ड हीटर, सेरामिक हीटर और ब्लोअर हीटर ये सुरक्षित माने जाते है क्योंकि ये कमरे की हवा को सूखा नहीं करते और तापमान को नियंत्रित करते है जिससे जलन या घुटन की संभावना कम रहती है.
रूम हीटर ठण्ड से बचने का अच्छा उपाय है लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यही आराम खतरे में बदल जाती है इसलिए हीटर का इस्तेमाल थोड़ी सावधानी और सेहत को ध्यान में रखते हुए करें.