सोनी Xperia XZ1 Review

द्वारा Prasid Banerjee | अपडेटेड Oct 27 2017
सोनी Xperia XZ1 Review
DIGIT RATING
78 /100
  • design

    88

  • performance

    82

  • value for money

    60

  • feature

    76

  • PROS
  • कॉम्पैक्ट, सुविधायुक्त डिज़ाइन
  • फास्ट परफॉर्मेंस
  • CONS
  • एवरेज बैटरी लाइफ
  • भरोसेमंद कैमरा नहीं है
  • लुक में नयापन नहीं है

निर्णय

सोनी एक्स्पीरिया  XZ1 स्मार्टफोन सोनी के स्टैंडर्ड्स के हिसाब से सस्ता है. इस फोन में कुछ प्रभावशाली तकनीक भी शामिल हैं, और यह एक तेज़ स्मार्टफोन है. यह फोन 2017 का नहीं लगता है. यह फोन न तो मौजूदा फ्लैगशिप फोंस के साथ मैच कर पाता है, न ही OnePlus 5 जैसे फोंस के मुकाबले कोई तर्क रख पाता है. इस फोन को खरीदने का एक कारण केवल एंड्राइड ओरियो माना जा सकता है. 

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सोनी Xperia XZ1 detailed review

2017 के फोंस में बेज़ेल-लेस डिस्प्ले, कम से कम दो कैमरे, तेज़ प्रोसेसर और ऐसी डिस्प्ले मौजूद है जो आपकी ज़रूरत से ज़्यादा पिक्सल्स के साथ आती है. बल्कि Apple भी इस ट्रेंड को फॉलो कर रहा है, लेकिन जापान की सबसे प्रसिद्ध कंज्यूमर टेक्नोलॉजी कंपनी ने इस ट्रेंड को फॉलो नहीं किया. सोनी केवल एक्स्पीरिया फोंस के फैंस को ही अपने फोन बेचना चाहती है, जो लोग कंपनी के काम को सराहते हैं. एक्स्पीरिया XZ1 एक पुराने सोनी फोन जैसा ही है लेकिन इस बार यह एक आकर्षक कीमत के साथ उपलब्ध है.


सोनी एक्स्पीरिया  XZ1 एक 3D स्कैनिंग फीचर ऑफर करता है, जो इसे अन्य स्मार्टफोंस से अलग बनाता है. यह फोन एंड्राइड ओरियो पर चलता है और यह ही केवल भारत में ऐसा फोन है जो एंड्राइड ओरियो के साथ आता है. 

बिल्ड एंड डिज़ाइन: 

हम यह डिज़ाइन सोनी के पिछले कई फोंस में देखते आ रहे हैं. यह कंपनी का कुछ अजीब विकल्प लगता है जो बाज़ार के एक बढ़े खंड (सोनी फेंस) को एक ऐसा फोन पेश करना चाहती है, जिसे वे "अपग्रेड" कर सकते हैं. अगर आपके पास पिछले साल का सोनी एक्स्पीरिया  XZ1 है तो आप इन दोनों फोंस में ज़्यादा अंतर नहीं देख पाएँगें, कम से कम लुक्स के मामले में तो बिल्कुल नहीं. 

सोनी एक्स्पीरिया  XZ1 में राउंड एजेज़ दिए गए हैं, जो इसे और ज़्यादा सीमलेस बनाते हैं. साथ ही इसका एनोडाइज्ड एल्युमीनियम इसे एक अलग फील देता है, मतलब इस बार यह ज़्यादा मैटेलिक फील देता है. हो सकता है यह हमारी निजी राय हो, लेकिन सोनी एक्स्पीरिया  XZs कहीं न कहीं प्लास्टिकी फील देता था. पूरा यूनिट भी मज़बूत और स्क्रैच रेसिस्टेंट लगता है, हालाँकि धक्के या गिरने से निशान पड़ सकता है. 

एक्स्पीरिया  XZ1 में अपने प्रतिद्वंधियों के मुकाबले काफी हद तक छोटा फॉर्म फैक्टर है जो कि कोई बुरी चीज़ नहीं है. बल्कि, जो कॉम्पैक्ट फोन लवर्स फ्लैगशिप खरीद रहे हैं वो इसके फॉर्म फैक्टर की वजह से एक बार इसे ज़रूर देखना चाहेंगें. आप बिना ग्रिप छोड़े आसानी से पॉवर बटन/फिंगरप्रिंट रीडर और वोल्यूम रॉकर तक पहुँच सकते हैं और बल्कि अगर आपका हाथ एक एवरेज साइज़ का है तो भी आपका अंगूठा आसानी से पूरी स्क्रीन तक पहुँच सकता है. 

सोनी के डिज़ाइन के साथ बढ़ी समस्या यह है कि हमें खूबसूरत फोंस देखने की आदत हो गई है. इसके फ्रंट पर भद्दे और मोटे बेज़ेल्स मौजूद हैं जो 2017 के फ्लैगशिप में सही नहीं बैठते हैं. मेटल ग्लास से ज़्यादा मज़बूत है लेकिन अभी भी स्क्रीन टूटने की संभावना है. सच यह है कि सोनी ने पुराने डिज़ाइन में नया हार्डवेयर शामिल कर दिया है. कंपनी ने रियर पैनल के टॉप पर फ़्लैश को वर्टीकल स्ट्रिप में मूव किया है जिससे आसानी से XZ1 और XZs को अलग किया जा सकता है. 

यह कोई बुरा डिज़ाइन नहीं है. बल्कि, एक्स्पीरिया  XZ1 को एक मिनीमेलिस्टिक और खूबसूरत डिज़ाइन दिया गया है. यह फोन हमारी राय में 2017 के फ्लैगशिप फोंस में मुख्य नहीं है. Apple भी इस ट्रेंड को फॉलो करने जा रहा है, तो सोनी को भी अब अपने फोंस का डिज़ाइन बदलना चाहिए.

डिस्प्ले: फंक्शनल है, लेकिन पिक्सल क्रेकिंग नहीं...

कंपनी बेकार के पिक्सेल्स नहीं उपलब्ध करवा रही है. 5.2 इंच की 1080p डिस्प्ले 424 ppi के साथ आती है. काफी यूज़र्स के लिए अच्छी है. इसकी डिस्प्ले काफी शार्प है और कोर्निंग गोरिला ग्लास 5 प्रीमियम और स्मूथ फील कराता है. 

डिफ़ॉल्ट मॉड में, ज़्यादातर AMOLED पैनल्स के मुकाबले में कम सैचुरेटेड लगती है. हालाँकि ऐसा नहीं है कि यह ख़राब है. बल्कि, सोनी एक बैलेंस डिस्प्ले प्रेजेंट करता है जो पर्याप्त रूप से वाइब्रेंट लगता है. अगर आप और ज़्यादा नेचुरल कलर्स चाहते हैं तो सेटिंग्स में जाकर sRGB मॉड सिलेक्ट कर सकते हैं. इस स्मार्टफोन में एक “विविड” मॉड भी दिया गया है जो गहरे ओवरसैचुरेटेड कलर्स प्रोड्यूस करता है. ये मोड्स आपको कलर्स पर पूरा कण्ट्रोल तो नहीं देते हैं लेकिन कंपनी इस मामले में अन्य फोंस के मुकाबले ज़्यादा ऑफर कर रही है.

सॉफ्टवेयर: 
     
अन्य फोंस के मुकाबले एक्स्पीरिया  XZ1 की सबसे बढ़ी खासियत यह है कि यह फोन एंड्राइड ओरियो पर चलता है. बल्कि, यह भारत में एक लौता फोन है जो एंड्राइड के नए वर्जन पर चलता है, जब तक पिक्सल फोंस देश में नहीं आते हैं. 

सबसे ज़्यादा नोटिस करने वाली चीज़ यह है कि सेटिंग्स/एकाउंट्स आइकॉन्स को क्विक सेटिंग्स के नीचे मूव कर दिया गया है. बेशक, आपको पिक्चर-इन-पिक्चर फीचर, Google का नया ऑटोफिल APIs और बहुत कुछ मिलता है. सेटिंग मेन्यू थोड़ा अलग है और इसके टॉप पर सीधी तरह सर्च बटन मौजूद है.

केवल नए सॉफ्टवेयर के अलावा इस फोन में कुछ लाभ नहीं है. बेशक एंड्राइड की दुनिया में नया सॉफ्टवेयर पाना अच्छा फायदा है. 

3D स्कैनिंग: 

अगर हम ऐसी दुनिया में रह रहे होते जहाँ 3D प्रिंटर्स हर जगह मौजूद हों, तो एक्स्पीरिया  XZ1 एक कुलेस्ट गैजेट है. यह फोन 3D क्रिएटर ऐप ऑफर करता है, जिससे चेहरों, ऑब्जेक्ट्स या खाने आदि के 3D मॉडल्स बना सकते हैं. आप इन्हें आसानी से एक्सेस करने के लिए क्लाउड में सेव कर सकते हैं और साथ ही किसी भी 3D प्रिंटर से इन्हें प्रिंट कर सकते हैं. सुन कर अच्छा लगा? भारत में सभी के घर में या आसपास 3D प्रिंटर नहीं होते हैं. 

आप कम रोशनी में 3D स्कैन नहीं कर पाते हैं. बल्कि, फोन ने काफी समय इंडोर (ट्यूबलाइट की रोशनी में) में डार्क ऑब्जेक्ट्स को स्कैन नहीं किया. जब आप कम रोशनी में स्कैन करेंगें, तो परिणाम यूज़ करने लायक नहीं होंगें. हालाँकि आप अपने दोस्तों के साथ इसके कैमरे के साथ कुछ फन कर सकते हैं. यह एक रीयलिस्टिक स्कैन नहीं करता है, लेकिन क्या आपने एक प्लास्टिक की गुड़िया देखी है जो रीयलिस्टिक जैसी लगती है. 

3D स्कैन्स को शूट करना काफी आसान है. एक बार जब आप समझ जाएँगें कि कैसे कैमरे को मूव करना है, आप आसानी से इसे समझ जाएँगें. सोनी की समस्या यह है कि कंपनी पुराने सॉफ्टवेयर के साथ यह सब कर रही है इसलिए इसके परिणाम केवल घर के इस्तेमाल तक ही सीमित रह जाते हैं. 

परफॉरमेंस: 

सोनी के फोंस को हमेशा इसके डिज़ाइन, डिस्प्ले और कई अन्य चीज़ों की वजह से पह्चाने नहीं जाते हैं, लेकिन हम इनकी परफॉरमेंस पर कमी से ही सवाल करते हैं. एक्स्पीरिया  XZ1 स्नैपड्रैगन 835 चिपसेट पर चलता है, हम अधिक रैम पसंद करते हैं, 4GB रैम ध्यान देने योग्य नहीं है. एक्स्पीरिया  XZ1 तेज़ फोन है. बल्कि भारत में 2017 के अब तक के फोंस में ये सबसे तेज़ी से ऐप्स और UI को लोड और नेविगेट करता है. जब आप Asphalt 8, Injustice 2 आदि के गेम्स को लॉन्च करते हैं तो यह फोन कुछ सेकंड्स के लिए फ्रीज़ कर सकता है, जो कि एंड्राइड फोंस के लिए आम है. 

गेमिंग या अन्य हेवी ऐप्स के लिए यह फोन पूरी तरह सही है. बल्कि, यह 1080p डिस्प्ले के साथ आता है जो QHD काउंटरपार्ट्स से ज़्यादा हाई फ्रेम रेट्स को ड्राइव करने में मदद करती है. हम इसकी परफॉरमेंस पर किसी तरह का सवाल नहीं उठा सकते हैं. उदाहरण के लिए, जैसे अन्य फोंस में जब कोई गेम प्ले होने से पहले गूगल प्ले गेम्स डाउनलोड करने के लिए बोलता है तो बहुत समय लेता है लेकिन एक्स्पीरिया  XZ1 में यह काफी तेज़ी से होता है. 

3D क्रिएटर ऐप को काफी प्रोसेसिंग की ज़रूरत होती है. अगर आप दो या दो से ज़्यादा एक के बाद एक स्कैन करते हैं तो यह फोन हीट कर सकता है. वैसे यह आधे घंटे तक लगातार गेमिंग के बाद होता है, हालाँकि यह थोड़ा असुविधाजनक है लेकिन हमने डिवाइस में कोई असमान्य टेम्प्रेचर रिकॉर्ड नहीं किया. 

ऑडियो क्वालिटी: 

एंड्राइड ओरियो के साथ एक्स्पीरिया  XZ1 सोनी का LDAC कोडेक सपोर्ट करता है. साथ ही कंपनी की DSEE HX तकनीक भी इस फोन में दी गई है जो ऑडियो आउटपुट को अपस्केल कर के Hi-Res तक ले जाती है. यह खासतौर से उन लोगों के लिए सहायक है जो म्यूज़िक स्ट्रीम करते हैं. DSEE HX सेटिंग्स में से बंद होता है, तो आपको इसे सेटिंग्स में जाकर टर्न ऑन करना होगा. जैसे ही आप इसे ऑन करते हैं आप ऑडियो क्वालिटी में फर्क महसूस करेंगें. 

एक्स्पीरिया  XZ1 में फ्रंट फेसिंग स्टीरियो स्पीकर्स मौजूद हैं जो बहुत लाउड तो नहीं हैं, लेकिन अन्य फोंस के मुकाबले अच्छी ऑडियो क्वालिटी प्रोड्यूस करता है. यह हेडफोंस के साथ भी अच्छा काम करता है. ये डिवाइस FLAC के साथ-साथ कोडेक्स की वैरायटी सपोर्ट करता है और मिड-टू हाई-एंड हेडफोंस के साथ हाई क्वालिटी ऑडियो प्रोड्यूस करता है. 

कैमरा: 

डिज़ाइन की बात करें तो, सोनी ने XZ1 में डुअल-कैमरा ट्रेंड को फॉलो नहीं किया है. आपको इस फोन में बोकेह इफ़ेक्ट, वाइड-एंगल कैमरे या ऑप्टिकल ज़ूम नहीं मिल रहा है. आपको इस फोन में एक्स्पीरिया  XZ का मोशन आई कैमरा मिल रहा है, तो आप 960fps पर स्लो मोशन रिकॉर्डिंग कर सकते हैं. 3D स्कैनिंग की तरह यह भी कोई ख़ास फीचर नहीं है. 

आपको इस फोन में 19MP का Exmor RS सेंसर मिल रहा है जो f/2.0 अपर्चर और सोनी के प्रीडिक्टिव हाइब्रिड ऑटोफोकस और प्रीडिक्टिव कैप्चर टेक्नोलॉजी के साथ आता है. आप कैमरे की सेटिंग्स में से प्रीडिक्टिव कैप्चर को ऑन कर सकते हैं. इस फीचर से कैमरा ऑटोमेटिकली स्माइल्स और अन्य इमोशंस को पहचान लेता है और आपके शटर बटन प्रेस करने से पहले ही फोटो क्लिक कर देता है.

 

Predictive capture mode takes four photos in all and allows you to choose the ones you want

Predictive Hybrid Autofocus keeps moving objects in focus

The moving bike has been kept in focus here

यह फीचर ऑटोमेटिकली काम करता है, जैसे ही यह फीचर काम करना शुरू करता है आपको एक छोटा “प्रीडीक्टिड” मैसेज मिलेगा. इसके बाद आपको एल्बम में 4 फ़ोटोज़ दिखेंगी, आप चाहें तो इन चारों तस्वीरों को या इनमें से किसी एक तस्वीर को अपने सेव कर सकते हैं. सुनने में यह फीचर काफी दिलचस्प लगता है जब हम इसे व्यवहारिक रूप से इस्तेमाल किया तो हमने देखा कि इसका प्रीडिक्टिव कैप्चर बहुत कमी से इफ़ेक्ट में आता है.

किसी ऑब्जेक्ट की मूविंग अवस्था में क्लिक करने पर प्रीडिक्टिव हाइब्रिड ऑटोफोकस काम करना शुरू करता है. यह ऑब्जेक्ट को ट्रैक करता है और सुनिश्चित करता है कि ज्यादातर समय में यह फोकस में रहे. जब तक प्रीडिक्टिव कैप्चर शुरू होता है तब तक प्रीडिक्टिव कैप्चर की तरह यह भी ऑटोमेटिकली काम करता है.

प्रैक्टिस के समय, आस पास घूम रहे लोगों को तो यह अच्छे से कैप्चर करता है, लेकिन अगर कोई ऑब्जेक्ट गति में हैं तो यह ब्लर लगने लगता है. आप ऐसी उम्मीद नहीं कर सकते हैं कि सड़क पर चल रही कार को भी यह फोकस करेगा लेकिन सड़क पर चल रही बायसाइकिल को यह फोकस कर सकता है. प्रीडिक्टिव ऑटोफोकस फोकस पॉइंट को ऑटोमेटिकली चुनता है, फोकस पर टच करते समय एक्स्पीरिया  XZ1 धीमी गति से काम करता है. 

सच कहा जाए तो प्रीडिक्टिव कैप्चर और प्रीडिक्टिव ऑटोफोकस किसी भी स्मार्टफोन कैमरे के लिए निफ्टी फीचर है. प्रीडिक्टिव कैप्चर बेशक ज़्यादा उपयोगी है, हालाँकि सोनी की ऑटोफोकस तकनीक भी बुरी नहीं है. जिन लोगों के घर में छोटे बच्चे हैं या जो कैंडिड शॉट्स लेना पसंद करते हैं वह ज़रूर इस तकनीक को पसंद करेंगें. 
तकनीक के हिसाब से देखें तो एक्स्पीरिया  XZ1 फीचर से भरपूर कैमरा ऑफर करता है. यह अच्छी लाइट कंडीशंस में अधिक डिटेल्स के साथ प्रभावी फ़ोटोज़ खींचता है, लेकिन कम रोशनी में इस फोन से ली गई तस्वीरें फ्लैगशिप स्टैण्डर्ड से बहुत दूर हैं. 

Daylight shot

100% crop

Daylight shot

100% crop

Low light shot, taken under halogen lights

100% crop

Sony Xperia XZ1 (left) vs Samsung Galaxy Note 8 (right)

Low light, Xperia XZ1 on the left and Samsung Galaxy Note 8 on the right

100% crop

Low light, Xperia XZ1 on the left and Galaxy Note 8 on the right

प्रीडिक्टिव कैप्चर और ऑटोफोकस कैमरे को और डिपेंडेबल बनाते हैं. हालाँकि, एक्स्पीरिया  XZ1 चुनौतियों वाली कंडीशंस में बहुत अच्छा काम नहीं करता है. मौजूदा समय में ज्यादातर फ्लैगशिप डिवाइस ऑटो- HDR में शूट करते हैं, वहीं डायनामिक रेंज में XZ1 धीमा प्रतीत होता है. 

Sony Xperia XZ1

Camera samples

कुल मिलाकर, एक्स्पीरिया  XZ1 में एक अच्छा कैमरा मौजूद है, लेकिन जैसा हमें आजकल के फ्लैगशिप फोंस से उम्मीद है XZ1 ऐसा कैमरा ऑफर नहीं करता है. कई तरीकों से कैमरे की क्वालिटी नीचे आ जाती है, हम डिपेंडेबिलिटी की कमी से खुश नहीं हैं. यह कम रोशनी में तस्वीरें प्रोसेस करने में थोड़ा धीमा हो जाता है. 

बैटरी: 

एक्स्पीरिया  XZ1 में मौजूद छोटी बैटरी ओवरटाइम काम करती है. अगर आप एवरेज फोन यूज़ करते हैं तो इस फोन को आप एक बार चार्ज करने के बाद 8-10 घंटों तक इस्तेमाल कर सकते हैं. यह किसी फोन के लिए बहुत अच्छी बैटरी लाइफ नहीं है लकिन हम 2700 mAh की बैटरी से इससे कम ही उम्मीद कर रहे थे. सोनी ने बैटरी लाइफ को बढ़ाने में अच्छा काम किया है. 

एक 15 मिनट की 1080p वीडियो शूट करने में 8% बैटरी लाइफ खत्म होती है, तो बैटरी लाइफ अच्छी है. यह फोन क्विक चार्ज 3.0 सपोर्ट करता है, आधे घंटे में आपका फोन 40% तक चार्ज हो जाता है. आप शाम में एक बार फोन चार्ज करके पूरे दिन इसे इस्तेमाल कर सकते हैं.  

बॉटमलाइन: 

2017 में सोनी एक्स्पीरिया  XZ1 एक ऐसा फोन है जो न यहाँ है न वहाँ है. कंपनी को अपने डिज़ाइन को अपडेट करने की ज़रूरत है हालाँकि इसका कैमरा प्रभावी है, लेकिन अभी इसे और काम की ज़रूरत है. सोनी फेंस के लिए एक्स्पीरिया  XZ1 एक तेज़ फोन है जो सभी काम करता है जो एक फोन को करने चाहिए. 

तुलना:


सोनी एक्स्पीरिया  XZ1 के पास केवल एंड्राइड ओरियो है जो उसे ख़ास बनाता है. इस डिवाइस में एक अच्छा कैमरा है लेकिन इसके प्रतिस्पर्धियों के पास इससे ज़्यादा डिपेंडेबल कैमरा है. यह 2017 के फ्लैगशिप जैसा नहीं लगता है और इस फोन की बैटरी लाइफ Galaxy S8, LG G6, Galaxy Note 8 या iPhone 8 आदि से कम है. 

इसके अलावा, XZ1 एक फंक्शनल डिवाइस भी है जो सभी वो काम करता है जो एक फोन को करने चाहिए. यह अविश्वसनीय रूप से स्मार्ट है, अच्छे कैमरे के साथ आता है जो कई लोगों को इम्प्रेस कर सकता है और इसमें एक डिसेंट डिस्प्ले भी मौजूद है. परेशानी यह है कि आप यह सब फीचर्स कम कीमत में आने वाले OnePlus 5 और Honor 8 Pro में पा सकते हैं, तो अगर कहा जाए कि सोनी का यह फोन सोनी स्टैंडर्ड्स के हिसाब से सस्ता है तो नहीं यह काफी सस्ता नहीं है. 

आखिर में सोनी फेंस के लिए, एक्स्पीरिया  XZ1 एक ऐसा फोन है जैसे पिछले साल के फोन को नए हार्डवेयर के साथ पेश किया गया हो. यह एक्स्पीरिया  XZs का अपग्रेड नहीं है. यह काफी हद तक एक पुराने डिवाइस के अपग्रेड की तरह लगता है जो कि कुछ ख़ास फोन नहीं लग रहा है.   

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Prasid Banerjee

Trying to explain technology to my parents. Failing miserably.

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