Table of Content
  • 1.1 डिजिट रेटिंग
  • 1.2 Pros & Cons
  • 1.3 हमारा फैसला
  • 1.4 डिटेल रिव्यू
    • 1.5 चर्चित तुलना
    • 1.6 हाल में किए गए सवाल
    • 1.7 टिप्पणियां
    • 1.8 सर्वाधिक लोकप्रिय
    • 1.9 नवीनतम रिव्यू
    • 1.10 चर्चित तुलना
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    पेंटैक्स के-500 Review

    By Kunal Khullar | 17 Nov 2014

    खूबियां

    मजबूत बनावट और डिजाइन100-51200 के साथ आइएसओ का बड़ा रेंज6 एफपीएस ड्राइव मोटर

    खामियां

    एफ मोटर आवाज करता हैइंटरफेस बहुत पुराने स्टाइल का हैव्यू फाइंडर में एफ पॉंइन्ट का न होना

    हमारा फैसला

    पेन्टेक्स के-500 एक आकर्षक डीएसएलआर है। कई अच्छे फीचर्स के साथ इसकी इमेज की क्वालिटी भी बेहद अच्छी है। बिना एक्सेसरीज और लेंसेस के डीएसएलआर खरीदना वास्तव में बुद्धिमानी का सौदा नहीं कहा जा सकता, पर फोटोग्राफी की शुरुआत कर रहे लोगों के लिए यह डीएसएलआर एक बढिया विकल्प है। हालांकि जो अपनी फोटोग्राफी स्किल्स बढ़ाना चहते हैं उनके लिए निकॉन या कैनन के साथ जाना ही अच्छा चुनाव होगा।

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    पेंटैक्स के-500: डिटेल रिव्यू

    कैमरा वर्ल्ड में पेंटैक्स उन कंपनी नामों में है जिन्हें पहली बार एसएलआर (SLR) कैमरा लाने का श्रेय दिया जाता है। ‘पेंटैक्स के-500 (Pentax K-500)’ के साथ अब कंपनी डीएसएलआर कैमरा के क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। एपीएस-सी (23.7x15.7एमएम) 16 मेगा पिक्सल सीएमओएस (CMOS) सेंसर, 100-51200 का आइएसओ रेंज, 6 एफपीएस ड्राइव मोटर, 11-पॉइन्ट एएफ सिस्टम, 30 पर फुल एचडी 1080पी वीडियो रिकॉर्डिंग, 25 और 24 एफपीएस, 30 सेकंड से 1/6000 तक रेंज का एचडीआर मोड और शटर स्पीड इसके विशेष उल्लेखनीय फीचर्स हैं। व्यू फाइंडर लगभग 100 प्रतिशत रेंज कवरेज देता है। इसके अलावा पीछे की ओर 3 इंच का एलसीडी डिस्प्ले भी है। कैमरे में कुछ घटत-बढ़त के साथ दो अलग-अलग कीमतों में बांटते हुए पेंटैक्स ने इसे दो विकल्प (किट) के रूप में बाजार में पेश किया है ताकि बजट और सुविधा के अनुसार यह ज्यादा से लोगों की पहुंच में आ सके। इसमें पहला विकल्प रु. 29, 995 की कीमत में आनेवाला पेंटैक्स डीएसएलआर है जिसमें उपभोक्ताओं को 18-55एमएम + कैमरा बॉडी है। दूसरा विकल्प रु. 38, 995 की कीमत के साथ 18-55एमएम + 50-200एमएम + कैमरा बॉडी है।

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    कम रौशनी या हाथ से तस्वीर लेते हुए संतुलन के साथ शार्प इमेज के लिए इसमें विशेष रूप से ‘सेंसर-शिफ्ट स्टैबिलाइजेशन’ दिया गया है।

    डिजाइन और बनावट

    बनावट अगर देखें तो बाजार में इंट्री-लेवल पर उपलब्ध अन्य डीएसएलआर के मुकाबले के-500 ज्यादा भारी है। हालांकि प्लास्टिक बॉडी होने के बावजूद यह काफी मजबूत दिखता है, लेकिन बाजार प्रतियोगिता में निकॉन डी3300 और यहां तक कि कैनन 1200डी जो मजबूत भी दिखता है, के मुकाबले इसका 590 ग्राम वजन काफी ज्यादा है। कंट्रोल्स, डायल्स और बटन्स बॉडी पर इस तरह फिट किए गए हैं कि आपको इनके प्रयोग में उलझन महसूस नहीं होती, यहां तक कि अगर आप निकॉन या कैनन डीएसएलआर के यूजर हैं तो भी कंट्रोल्स के प्रयोग में आपको ज्यादा वक्त नहीं लगता। पेंटैक्स का दावा है कि के-500 को के-50 की तर्ज पर बनाया गया है जबकि एंट्री लेवल का कैमरा होने के बावजूद इसमें ‘वेदर सीलिंग फीचर’ नहीं है।

    डायल तीन दिए गए हैं – एक मोड बदलता है जबकि अन्य दो अपर्चर और शटर स्पीड कंट्रोल के लिए है।

    पीछे की तरफ 3 इंच की एलसीडी और सेटिंग कंट्रोल के लिए साधारण बटन्स के साथ फोर-वे पैड दिया गया है। रबर आईकैप के साथ व्यू फाइंडर बेहद आरामदायक बनाया गया है। दाहिनी ओर खोले जा सकने वाले प्लास्टिक कवर के अंदर एसडी कार्ड स्लॉट दिया गया है। अन्य डीएसएलआर की तरह इसमें भी सबसे टॉप पर पॉप-अप फ्लैश यूनिट के साथ हॉट-शू पोर्ट है। कैमरे की तली में ही बैटरी चैंबर है। 1050 एमएएच रिचार्जेबल लिथियम या 4 एए बैटरी काफी अच्छा फीचर है।

    इंट्री लेवल के लिए अपने प्रतियोगियों के मुकाबले के-500 ज्यादा लाभकारी प्रीमियम नजर आता है। इसमें बटन्स भी इस कीमत में आने वाले अन्य डीएसएलआर के मुकाबले ज्यादा दिए गए हैं। इस कारण अन्य डीएसएलआर के मुकाबले इसमें ज्यादा कंट्रोल और फीचर की सुविधा से इनकार नहीं किया जा सकता।

    परफॉर्मेन्स

    परफॉर्मेन्स की बात करें तो कई जगह के-500 काफी अच्छा काम करता है लेकिन अगर पेंटैक्स इसे इन्ट्री लेवल डीएसएलआर में सबसे अच्छा बनाना चाहती है तो कई सुधारों की गुंजाइश भी है। पिक्चर क्वालिटी, रॉ (RAW) और जेपीइजी (JPEG) तो प्रभावित करता है, पर इसके अलावा भी एक बेहद लाभकारी फीचर इसमें है। वह यह कि रॉ फाइल्स को इसमें आप सेव कर सकते हैं, और यह तब भी काम करता है जबकि आपने कैमरा में रॉ फॉर्मेट सेव का ऑप्शन सेट नहीं किया होता है।

    ऑटोफोकस फास्ट काम करता है लेकिन किट लेंस पर थोड़ा आवाज करता है। आवाज के अलावे इसमें एक और परेशनी यह है कि व्यू फाइंडर में ऑटो-फोकस का फंक्शन नहीं दिया गया है। हालांकि अगर आपने एएफ-ए या ऑटो पॉइन्ट सेलेक्शन सेट नहीं किया है तो एएफ पॉइन्ट्स के बीच शिफ्ट कर सकते हैं। स्पोर्टिंग इवेंट्स के लिए कभी-कभी फोटोग्राफी का शौक रखने वालों के लिए ईजी टू यूज है। शौकिया फोटोग्राफी करने वालों के लिए इसमें कुछ प्री-सेट्स, फिल्टर्स और कलर मोड्स भी हैं।

    इमेज क्वालिटी

    क्योंकि के-500 में पिक्चर आइएसओ 3200 (ISO 3200) पर लिए जाते हैं. सलिए इसकी तस्वीरें उच्च गुणवत्ता की होती हैं, इनमें धुंधलापन नहीं होता। आइएसओ 6400 से 12800 के बीच तस्वीरों में धुंधलापन नजर आने लगता है। निकॉन डी3200 और कैनन 1200डी की तुलना में इसका तस्वीर-संतुलन अच्छा है। ऑटो व्हाइट बैलेंस हर सिचुएशन में अच्छा काम करता है और इसपर अच्छी पिक्चर का भरोसा आप कर सकते।

    नीचे गैलरी में कैमरा सैंपल्स देखकर आप भी इसकी परख कर सकते हैं:

    निष्कर्ष

    एंट्री-लेवल डीएसएलआर में प्रभावशाली है, लेकिन डीएसएलआर कैमरा में कैनन, निकॉन और सोनी जैसे बड़े नामों के बीच अगर पेंटैक्स को अपनी पहचान बनानी है तो सिर्फ एंट्री-लेवल में एक सस्ता डीएसएलआर कैमरा होने के अलावे इसे कुछ खास लाना होगा। अगर आप शौकिया फोटोग्राफी के लिए एंट्री-लेवल डीएसएलआर चाहते हैं तो के-500 का चुनाव बुरा नहीं है। सोनी, कैनन और निकॉन के मुकाबले कम कीमत में इसमें कई एक्स्ट्रा फीचर्स भी मिलेंगे और यह मजबूत भी है। पर अगर आप गंभीररता से अपनी फोटोग्राफी स्किल्स बढ़ाने और अच्छी फोटोग्राफी के लिए एसएलआर लेने की सोच रहे हैं तो निकॉन डी3300 या कैनन 1200डी आपके लिए ज्यादा अच्छा चुनाव साबित हो सकता है।

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    Kunal Khullar
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    हाल में किए गए सवाल
    best pendrive under 500
    CHRISTIANA JOHN
    Sept 1, 2014
    जवाब 3
    Vivek Bhatt
    Sept 2, 2014
    Aditya Malpure
    Sept 2, 2014
    Aditya Malpure
    Sept 2, 2014
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