गूगल प्रोजेक्ट Fi बना 'Google Fi', करेगा iPhones को सपोर्ट

द्वारा Digit Hindi | पब्लिश किया गया 29 Nov 2018
HIGHLIGHTS
  • Google अब अपने प्रोजेक्टको नया नाम दे चुका है। जी हाँ, अब यह प्रोजेक्ट Google Fi के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही जहाँ यह केवल एंड्रॉइड फोन्स को ही सपोर्ट करता था वहीं अब iPhones को करेगा।

गूगल प्रोजेक्ट Fi बना 'Google Fi', करेगा iPhones को सपोर्ट

गूगल ने हाल ही में अपने ट्विटर हैंडल के ज़रिये यह जानकारी दी है कि वह अपनी वर्चुअल टेलीकम्यूनिकेशन की सर्विस को जहाँ अभी तक केवल Android-powered स्मार्टफोन्स को ही दे रहा था वहीं अब ऐसा नहीं है। अब यह सर्विस एंड्राइड यूज़र्स के साथ iPhones और अन्य कई डिवाइस को भी दी जाएगी। गूगल ने अपनी टेलीकम्यूनिकेशन सर्विस Fi को रिफ्रेश करके उसे अब "Google Fi" का नाम दिया है।

इससे पहले Fi नए Pixel स्मार्टफोन्स  के लिए ही उपलब्ध था जो कि गूगल का ही हिस्सा है। इसके साथ ही कुछ  कंपनियों के Android-powered स्मार्टफोन्स को सपोर्ट करता था।  ऐसा इसलिए था क्योंकि डिवाइसों को कैर्रिएर्स के बीच जाने की ज़रुईरत थी जिनका इंफ्रास्ट्रक्चर वर्चुअल नेटवर्क पर सर्विस उपलब्ध कराना होता था।

गूगल का कहना है कि Fi बहुत ही स्मार्ट तरीके से स्मार्टफोन सर्विस को Sprint, T-Mobile, US Cellular और Wi-Fi hotspots के बीच शिफ्ट करके ऑप्टिमल सिग्नल्स उपलब्ध कराता है। एक ब्लॉग पोस्ट के ज़रिये कंपनी के Fi निर्देशक Simon Arscott ने कहा, "हमारा प्लान कई एंड्रॉइड डिवाइसों और iPhones के साथ काम करना है। हमें गर्व है कि हमने कस्टमर सटिस्फैक्शन स्कोर को 90% तक हासिल कर लिया है।" आपको बता दें कि US में Fi प्लान्स के तहत अनलिमिटेड डोमेस्टिक कॉल्स, टेक्स्ट्स, प्लस अंतर्राष्ट्रीय टेक्सटिंग, $20 यानी लगभग 1,400 रुपए मंथली दिया जा रहा है।

Fi की वेबसाइट पर दी जानकारी के मुताबिक $60 के मैक्सिमम डाटा चार्ज के साथ $10 यानी लगभग 700 रुपए का  डाटा कॉस्ट per gigabyte, एक अकेले यूज़र के लिए दिया जा रहा है। इसके साथ ही Fi वेबसाइट के मुताबिक ऐसा कहा जा रहा है .कि यूज़र्स के वायरलेस एक्सपीरियंस को तेज़ और आसान बनाने के लिए यह Project Fi को 2015 में लॉन्च किया  गया था।

जैसा कि स्मार्टफोन्स को "full Google Fi experience" के लिए नेटवर्क्स और wi-fi  के बीच आने-जाने के लिए सही हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की ज़रुरत होती है, ऐसे में यह सर्विस ले रहे iPhones और बाकी हैंडसेट्स के लिए फीचर्स की कमी हो सकती है। गूगल ने कहा की इस  सर्विस के ज़रिये यूज़र्स डाटा के लिए  कैर्रिएर्स से किये गए लोकेशन एग्रीमेंट के साथ 170 देशों और क्षेत्रों में  अपना डिवाइस यूज़  कर सकते हैं।

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