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Chinese App Ban: बैन हुए चीनी एप्स को डाउनलोड करने के लिए भारत के छात्रों पर बनाया जा रहा है दबाव, देखें क्या है पूरा मामला

द्वारा Digit Hindi | पब्लिश किया गया 22 Jul 2021 | अपडेटेड इसपर 22 Jul 2021
HIGHLIGHTS
  • भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित ऐप्स डाउनलोड करने के लिए मजबूर किए जाने के बाद, विभिन्न चीनी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे 23,000 छात्रों, जिनमें से कम से कम 20,000 मेडिकल छात्र हैं, के ऑनलाइन अध्ययन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं

  • भारत ने सीमा पर गतिरोध के बाद लगभग 250 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था

  • छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय उन्हें अपने पाठ्यक्रम जारी रखने के लिए प्रतिबंधित मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए मजबूर कर रहे हैं

Chinese App Ban: बैन हुए चीनी एप्स को डाउनलोड करने के लिए भारत के छात्रों पर बनाया जा रहा है दबाव, देखें क्या है पूरा मामला
भारतीय छात्रों को बैन हुए चीनी एप्स को डाउनलोड करने के लिए किया जा रहा प्रताड़ित, देखें क्या है पूरा मामला

भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित ऐप्स डाउनलोड करने के लिए मजबूर किए जाने के बाद, विभिन्न चीनी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे 23,000 छात्रों, जिनमें से कम से कम 20,000 मेडिकल छात्र हैं, के ऑनलाइन अध्ययन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

भारत ने सीमा पर गतिरोध के बाद लगभग 250 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय उन्हें अपने पाठ्यक्रम जारी रखने के लिए प्रतिबंधित मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

जानकारी के लिए बता देते हैं कि चीन में ज्यादातर विश्वविद्यालयों में WeChat, DingTalk, SuperStar और Tancent की ओर से आने वाले Video Chat App इस्तेला किये जाते हैं हैं। अब ऐसे में भारत के यहाँ चीन में पढ़ने गए विद्यार्थियों पर भी यह दबाव बनाया रहा है कि इन्हीं एप्स को डाउनलोड करें और अपनी स्टडीज को जारी रखें हैं। 

अब ऐसे में इंडियन स्टूडेंट इन चाइना के मेम्बर स्टूडेंट्स में इस मामले के बारे में चीनी और इंडियन अधिकारियों को जानकारी दी है। हालाँकि अब एक समाधान के तौर पर इन छात्रों को यह एप्स एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के माध्यम से एक्सेस दिया गया है, जिसके बाद यह अपनी क्लास ले सकते हैं।

भारत में अभी हाल ही में 59 चीनी एप्स को बैन कर दिया गया था. इसके बाद सरकार ने मंगलवार को एक निर्देश जारी किया गया है कि इस निर्देश यानी इस ऑर्डर पर सख्ती से पालन किया जाए, अगर ऐसा नहीं किया जाता है, या किसी भी प्रकार से इस ऑर्डर का उल्लंघन किया जाता तो कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इस बारे में कुछ आधिकारियों ने प्रकाश डालते हुए कहा है। 

आपको बता देते है कि सरकार ने देश में 59 चीनी एप्स को 29 जून को भारत में बैन किया था, इन एप्स को बैन करने के पीछे के कारण को भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए ख़तरा बताया गया था। आपको बता देते है कि बीते मंगलवार को सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने इन सभी कंपनियों को एक लेटर लिखकर इस बारे में चेताया है, इस चिठ्ठी में यह भी कहा गया है कि अगर किसी भी रूप में अगर डायरेक्टली या इनडायरेक्टली इन एप्स का परिचालन जारी रहता है, तो इसे अवैध माना जाएगा। इसके अलावा अगर ऐसा पाया जाता है तो इसे एक दंडनीय अपराध मानकर कार्रवाई भी की जा सकती है। 

एक सरकारी स्रोत ने पीटीआई को बताया कि आईटी मंत्रालय ने अब इन सभी कंपनियों को पत्र लिखा है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन प्रतिबंधित ऐप की उपलब्धता और संचालन अगर जारी रहता है तो यह न केवल अवैध है, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य लागू अधिनियमों के तहत अपराध भी है। यह दंडात्मक प्रावधानों के तहत अपराध की श्रेणी में आने वाला है। 

इसके अलावा सूत्र ने कहा कि इन सभी कंपनियों को मंत्रालय के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित भी किया गया है। इन कंपनियों को भेजे गए पत्र में मंत्रालय ने उल्लेख किया है कि यह प्रतिबंध संप्रभु शक्तियों और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत आता है,  इस पत्र में यह भी कहा गया है कंपनियों को इस संबंध में जारी आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। 

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Web Title: chinese app ban: indian students forced to download chinese apps get full details
Tags:
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