4G नेटवर्क VS 5G नेटवर्क (4G VS 5G) दोनों ही नेटवर्क में क्या है सबसे बड़ा अंतर

Digit Hindi | पब्लिश किया गया 14 Aug 2021
4G नेटवर्क VS 5G नेटवर्क (4G VS 5G) दोनों ही नेटवर्क में क्या है सबसे बड़ा अंतर
HIGHLIGHTS
  • Reliance Jio ने इस बाद की घोषणा कर दी है कि वह 2021 में इंडिया में 5G नेटवर्क को लाने वाला है

  • हालाँकि अभी इंडिया में 5G नेटवर्क को आने में समय है लेकिन आज हम आपको 4G और 5G नेटवर्क के बीच अंतर बताने वाले हैं

  • यहाँ आप विस्तार से जान्ने वाले है कि आखिर 4G से कितना फ़ास्ट होता है 5G!

अभी हाल ही में इस बार की घोषणा रिलायंस जियो की ओर से कर दी गई है कि जल्द ही इंडिया के बाजार में 5G कनेक्टिविटी (5G Connectivity) को पेश कर दिया जाने वाला है। भारत में रिलायंस जियो (Reliance Jio) के बाजार में आने के बाद से लोगों ने असल मायने में 4G क्षमता (4G Capability) को देखा है। इसके अलावा सस्ते इन्टरनेट (Cheap Internet)  की शुरुआत भी उसी दिन से हुई थी। हालाँकि अब यह दौर बदल गया है, और आज हम देख रहे हैं कि लगभग सभी टेलीकॉम कंपनियों (Telecom Companies) की ओर से अपने टैरिफ प्लान्स (Tariff Plans) की कीमत में बढ़ोत्तरी की है। एक दौर था जब हम मात्र 2G नेटवर्क (2G Network) पर ही नेट का इस्तेमाल किया करते थे, इसके बाद 3G ने अपनी जगह बाजार में बनाई और इसके बाद 4G ने अपनी एक अलग ही जगह बनाई है। अब सुनने में आ रहा है कि 5G को भी दुनियाभर में लाया जाने वाला है, आपको बता देते हैं कि US में कई कैरियर की ओर से 5G को पेश कर दिया गया है, हालाँकि भारत में और कई देशों में इसे आने में अभी भी समय लगने वाला है। इसे भी पढ़ें: 5G के आने से कुछ यूँ बदल जायेगी आपकी ज़िन्दगी, देखें फायदे और नुकसान

अगर हम असल चीजों पर गौर करें तो ऐसा हो सकता है कि भारत में 5G को आने में लगभग 2 और साल का समय लगे। अब जब हम अभी पीछे हैं तो इसके बारे में ज्यादा चर्चा करना हमारे लिए एक बेकार की ही बात लगती है लेकिन हमें इस बारे में जरुर पता होना चाहिए कि आखिर 5G और 4G के बीच बड़ा क्या अंतर है (Difference between 4G and 5G), जिसके माध्यम से यह दोनों ही नेटवर्क (network) एक दूसरे से बिलकुल ही अलग नजर आते हैं। आज हम आपको इसी बारे में बताने वाले है कि आखिर 4G और 5G के बीच क्या अंतर (Difference between 4G and 5G) हैं? इसे भी पढ़ें: Vi (Vodafone Idea) ने जियो को मात देने के लिए चली गजब की चाल, अब 2GB नहीं डेली मिलेगा 4GB डेली डेटा

अभी हाल ही में हमारे कुछ यूजर्स ने हमसे यह सवाल किया था कि आखिर 4G भारत में कितना तेज़ है (How Fast 4G in India), अर्थात् 4G की स्पीड (4G Speed) कितनी होती है, ऐसा भी कहा जा सकता है कि आखिर 4G कितना फ़ास्ट (How Fast 4G in India) होता है। अब इस बारे में मैं आपसे सच कहूँ तो मुझे भी नहीं पता था, या ऐसा भी कह सकते हैं कि हमने इस बारे में कुछ जानने की भी ज्यादा कोशिश नहीं की थी लेकिन अब जब मैंने TRAI यानी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (Telecom Regulatory Authority of India) पर जाकर इस बारे में जानना चाहा तो मुझे कुछ बढ़िया हाथ लगा है, अब जब मेरे हाथ यह लग गया है कि आखिर 4G कितना तेज़ है तो मैंने सोचा क्यों न इसे आपके साथ भी साझा किया जाए। इसी कारण मैं आपके सामने आज कुछ आंकड़े ले आया हूँ। जो आपको इस बारे में बताएँगे कि आखिर भारत में 4G की स्पीड क्या है। इसके अलावा आज हम आपको 5G से जुड़े भी कई पहलुओं के बारे में बताने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: अगर आप Airtel यूजर हैं तो पा सकते हैं Rs 4 लाख का लाभ¸जानें क्या है स्कीम

5G आखिर क्या है? (What is a 5G Network)

5G को एक इंडस्ट्री स्टैण्डर्ड के तौर पर देखा जा सकता है जो वर्तमान में चल रहे 4G LTE स्टैण्डर्ड से कुछ आगे बढ़कर सामने आने वाला है। जैसे कि 3G के स्थान पर 4G ने अपनी जगह बनाई थी वैसे ही ऐसा माना जा रहा है यह fifth generation के स्थान पर 5G नाम से आने वाला है। इसका मतलब है कि यह इस स्टैण्डर्ड का पांचवां standard है। 5G के बारे में ज्यादा जानें यहाँ!

इसे अभी वर्तमान में चल रहे 4G LTE तकनीकी से भी तेज़ गति से चलने के लिए निर्मित किया गया है। हालाँकि इसे मात्र स्मार्टफोन में इन्टरनेट की स्पीड (Internet Speed) को बढ़ाने को लेकर ही नहीं देखा जा रहा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इसके साथ फास्टर वायरलेस इन्टरनेट (Faster Wireless Internet) को सभी जगह सभी के लिए पहुँचाया जा सकता है। इसके माध्यम से कार्स को कनेक्ट किया जा सकता है। यह आप आसानी से स्मार्टफोंस (Smartphones) के साथ कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: इसे कहते हैं धाकड़ प्लान! 600GB बिना लिमिट डेटा, 365 दिन की वैलिडिटी, ये हैं BSNL का धांसू प्लान

ऐसा भी कहा जा सकता है कि भविष्य में आपके स्मार्टफोन (Smartphones) के साथ अन्य सेलुलर कनेक्टिविटी (Cellular Connectivity) वाले डिवाइस जो आपके पास हैं। वह सब 4G LTE तकनीकी (4G LTE Technology) के स्थान पर 5G का इस्तेमाल उसी तरह से करने वाले हैं, जैसा कि आज हम 4G का कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Reliance Jio ने फिर किया एयरटेल और Vi पर हमला, बिना किसी डेटा लिमिट के लाया 5 नए प्लान, देखें कीमत

क्या होता है 4G? (What is a 4G Network)

इसे सीधे शब्दों में कहें, तो 4G को मोबाइल प्रौद्योगिकी (Mobile Technology) की चौथी पीढ़ी के रूप में परिभाषित किया गया है जो 2G और 3G नेटवर्क (2G and 3G network)  के बाद सामने आई है, या ऐसा भी कह सकते हैं कि जो 2G और 3G का अनुसरण करती है। इसे कभी-कभी 4G एलटीई (4G LTE) भी कहा जाता है, लेकिन यह तकनीकी (Technology) रूप से सही नहीं है क्योंकि एलटीई (LTE) केवल एक प्रकार का 4G है। वर्तमान में यह सबसे उन्नत तकनीक है जिसे अधिकांश मोबाइल नेटवर्क (Mobile Network) सेवा प्रदाताओं (service providers) द्वारा अपनाया जा रहा है। 4G के बारे में ज्यादा जानें यहाँ!

जब यह शुरू में बाजार में आया तो 4G ने दुनिया में एक बड़ा बदलाव किया, हम मोबाइल इंटरनेट (Mobile Internet) का उपयोग कैसे करते हैं, इसे भी 4G ने पूरी तरह से बदलकर रख दिया। जबकि 3G नेटवर्क (3G Network) अपेक्षाकृत तेज़ है, और इसमें कोई भी दोराय नहीं है, लेकिन 4G नेटवर्क (4G Connectivity/network) कनेक्शन ने उपयोगकर्ताओं को वेब ब्राउज़ (Web Browser) करने और मोबाइल उपकरणों (Mobile Devices) पर एचडी वीडियो स्ट्रीम (HD Video Streaming) करने की आज़ादी दी, जिसके बाद स्मार्टफोंस (Smartphones) आधुनिक युग के कंप्यूटरों (computers) में बदल गए। इसे भी पढ़ें: ये हैं 100 रुपये की कीमत के अंदर आने वाले सबसे शानदार रिचार्ज प्लान

इसी कारण आप वह सभी काम जो लैपटॉप (laptop) या डेस्कटॉप कंप्यूटर (Desktop Computer) पर स्मार्टफोन (Smartphone) या टैबलेट (Tablet) जैसे मोबाइल उपकरणों (Mobile Devices) पर कर सकते हैं। इन्हें करने में 4G नेटवर्क (4G network) सुनिश्चित करता है कि आपको कितने भी डाटा (Data) की आवश्यकता हो, आप लगभग हर जगह स्थिर गति (Speed) पा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Rs 500 से भी कम में आने वाले BSNL, Airtel, Vi और Jio के बेस्ट प्रीपेड प्लान

कितना फ़ास्ट होने वाला है 5G नेटवर्क? (High Speed 5G Network)

टेक कंपनियां (Tech Companies) 5G से काफी आशाजनक हैं। जबकि सैद्धांतिक 100 मेगाबिट्स प्रति सेकंड (एमबीपीएस/Mbps) में 4G टॉप पर  है, हालाँकि 5G के मामले में यह टॉप 10 गीगाबिट्स प्रति सेकंड (जीपीएस/GPS) होने वाला है। इसका मतलब है कि 5G वर्तमान 4G तकनीक (4G and 5G Technology) की तुलना में सौ गुना तेज  होने वाला है। इसे भी पढ़ें: Covid-19 Vaccine Certificate करना चाहते हैं डाउनलोड, WhatsApp से भी हो जायेगा ये काम

उदाहरण के लिए, उपभोक्ता प्रौद्योगिकी एसोसिएशन (Technology Association) की एक रिपोर्ट में ऐसा भी सामने आ चुका है कि इस गति (Speed) से, आप 5G पर केवल 3.6 सेकंड में, 4G पर 6 मिनट बनाम 3G पर 26 घंटे में दो घंटे की फिल्म डाउनलोड (Download) कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Reliance Jio का एक पे एक फ्री ऑफर, एक के पैसे में डबल डेटा का अद्भुत आनंद उठाएं

यह सिर्फ कहने वाली बात नहीं है, 5G में विलंबता को कम करने का वादा किया गया है, जिसका अर्थ है कि इंटरनेट (Internet) पर कुछ भी करने के दौरान तेजी से लोड समय और बेहतर जवाबदेही बनने वाली है। विशेष रूप से, विनिर्देश आज 4G LTE पर 5G बनाम 20ms पर 4ms की अधिकतम विलंबता का वादा करता है। इसे भी पढ़ें: Vodafone ने यूजर्स को दी बड़े खतरे से बचने की चेतावनी, एयरटेल, जियो यूजर्स भी करें अमल

इस गति पर, 5G वर्तमान होम केबल इंटरनेट कनेक्शन (Internet Connection) को देखा गया है और यह फाइबर (Fiber) के लिए अधिक तुलनीय है। कॉमकास्ट (Chromecast), कॉक्स (Fox)और अन्य जैसी लैंडलाइन इंटरनेट (landline Internet) कंपनियों को गंभीर प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है - खासकर जब वे एक निश्चित क्षेत्र में तेजी से होम इंटरनेट (Home Internet) के लिए एकमात्र विकल्प हैं। वायरलेस वाहक (Wireless) हर घर में भौतिक तारों को बिछाने के बिना एक विकल्प प्रदान कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: 200 रुपये ज्यादा खर्च करके इस दमदार प्लान का उठा सकते हैं लाभ, सबकुछ है अनलिमिटेड

सभी चाहते हैं कि कि 5G के बारे में सुपर-फास्ट (Super-Fast), व्यावहारिक रूप से असीमित इंटरनेट (unlimited internet) हर जगह और सभी उपकरणों (Devices) को सक्षम करने के बारे में भी सोचा जाए। बेशक, वास्तविक दुनिया में, इंटरनेट सेवा प्रदाता (Internet service Provider) डाटा कैप (Data Cap) लगाते हैं। उदाहरण के लिए, भले ही आपके वायरलेस कैरियर (wireless Carrier) ने आपको 100 जीबी डाटा कैप (100GB Data Cap) दिया हो - जो कि आज की अधिकांश प्लान्स (Plans) की तुलना में बहुत बड़ा है - आप एक मिनट में और 20 सेकंड में 10 Gbps की अधिकतम सैद्धांतिक गति (high speed) से उड़ा सकते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि कौन से वाहक अंततः लगाएंगे और कितना उपयोग को प्रभावित करेंगे। इसे भी पढ़ें: Azadi Ka Amrit Mahotsav: क्या बात है अब आप भी रिकॉर्ड और अपलोड कर सकते हैं राष्ट्रगान, ये रहा ऑनलाइन तरीका

आखिर कितना फ़ास्ट होता है 4G? (High Speed 4G Network)

आसान शब्दों में कहें तो आपको बता देते हैं कि 3G के मुकाबले में 4G काफी फ़ास्ट होता है, लेकिन क्या इससे हमें कुछ भी पता चलता है? मेरी राय में तो आपको इससे कुछ भी पता नहीं चलता है क्योंकि 3G के मुकाबले 4G तेज़ है इसका क्या मतलब है। स्टैंडर्ड 4G ऑफर लगभग 14 एमबीपीएस की डाउनलोड स्पीड देता है, जो कि इसके पहले के 3G नेटवर्क की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक तेज है। वास्तव में, 4G नेटवर्क 150 एमबीपीएस तक की गति तक पहुंच सकता है, जिससे उपयोगकर्ता 3G नेटवर्क की तरह घंटों के बजाय मिनट या सेकंड में गीगाबाइट डाटा डाउनलोड कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Airtel, Vi और Jio के सस्ते प्लान: Rs 39 से लेकर Rs 49 की कीमत में आने वाले बेहद सस्ते प्लांस

डाटा अपलोड करना भी इसमें बहुत तेज़ है– स्टैण्डर्ड 4G अपलोड गति लगभग 8 एमबीपीएस तक हो सकती है, जिसमें सैद्धांतिक गति 50 एमबीपीएस तक पहुंचती है, जबकि 3G लगभग 0.5 एमबीपीएस तक ही सीमित रह जाती है। यहाँ आपको अंतर पता चल ही गया होगा कि आखिर भारत में अभी भी 4G क्या स्पीड है, और असल में इसे कितना होना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Google पर 5000% ज़्यादा सर्च किया गया इसे, जानें क्या है जिसे जानना चाहती है पूरी दुनिया

5G नेटवर्क कैसे काम करता है? (How 5G Network Works)

5G तेज गति को प्राप्त करने के लिए बहुत सारी तकनीकी का लाभ उठाकर इनका इस्तेमाल भी करता है। हालाँकि यह मात्र इनोवेशन आदि की ही बात नहीं है। आईईईई स्पेक्ट्रम पत्रिका बहुत सारे तकनीकी विवरणों को अधिक गहराई से समझाने का एक अच्छा काम करती है, लेकिन यहां हम आपको इसे आसानी से समझाने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: Samsung Galaxy F62 इस कारण Redmi के 108MP कैमरा वाले फोन पर पड़ रहा है भारी, देखें डिटेल्स

नया स्टैण्डर्ड 4G से रेडियो स्पेक्ट्रम के पूरे नए बैंड का उपयोग करेगा। 5G "मिलीमीटर वेव्स" का लाभ उठाएगा, जो 30GHz और 300GHz बनाम बैंड के बीच 6GHz से नीचे के बैंड में प्रसारित होते थे, जो अतीत में उपयोग किए गए थे। ये पहले केवल उपग्रहों और रडार प्रणालियों के बीच संचार के लिए उपयोग में लिए जाते थे। लेकिन मिलीमीटर तरंगों को आसानी से इमारतों या अन्य ठोस वस्तुओं के माध्यम से यात्रा नहीं की जा सकती है, इसलिए 5G "छोटी cells" का भी लाभ उठाएंगे - छोटे लघु आधारित स्टेशन जिन्हें पूरे शहरी क्षेत्रों में लगभग 250 मीटर तक रखा जा सकता है। ये ऐसे स्थानों में बहुत बेहतर कवरेज प्रदान करेंगे। इसे भी पढ़ें: BSNL के इस प्लान में केवल Rs 1.42 में मिलता है 1GB डाटा, जानें क्या है पूरे बेनिफ़िट

ये बेस स्टेशन "बड़े पैमाने पर MIMO" का भी उपयोग करते हैं। MIMO का अर्थ है "मल्टीपल-इनपुट मल्टीपल-आउटपुट।" आपके पास MIMO तकनीक वाला एक होम वायरलेस राउटर भी हो सकता है, जिसका अर्थ है कि इसमें कई एंटेना होते हैं जिनका उपयोग यह कई अलग-अलग वायरलेस डिवाइसेज पर बात करने के लिए कर सकता है उनके बीच स्विच किए बिना ही यह ऐसा कर सकता है। बड़े पैमाने पर MIMO एक बेस स्टेशन पर दर्जनों एंटेना का उपयोग करेगा। वे उन संकेतों को बेहतर ढंग से निर्देशित करने के लिए बीमफॉर्मिंग का लाभ भी उठाएंगे, डिवाइस में इंगित होने वाले बीम में वायरलेस सिग्नल को निर्देशित करेंगे और अन्य उपकरणों के लिए हस्तक्षेप कम करेंगे। इसे भी पढ़ें: Samsung Galaxy F41 पर धमाकेदार ऑफर, केवल Rs 503 की EMI में हो जाएगा फोन आपका, और भी हैं ऑफर...

5G बेस स्टेशन भी पूर्ण duplex  पर चलेंगे, जिसका अर्थ है कि वे एक ही आवृत्ति पर एक ही समय में संचारित और प्राप्त कर सकते हैं। आज, उन्हें संचारण और सुनने के तरीकों के बीच स्विच करना है, चीजों को धीमा करना है। यह 5G को इतनी तेजी से बनाने के लिए शामिल की जा रही कुछ प्रौद्योगिकी का एक स्नैपशॉट है। इसे भी पढ़ें: अगर फ्री चाहिए Netflix, Amazon Prime का सब्स्क्रिप्शन, तो ये रीचार्ज प्लान आपको ज़रूर आएंगे पसंद

कब तक अस्तित्त्व में आयेगा 5G? (When Will 5G Launch in India)

Jio 5G सेवा 2021 की दूसरी छमाही में भारत में लॉन्च की जाने वाली है, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने मंगलवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2020 में अपने एक भाषण के दौरान इस बात का खुलासा किया है। रिलायंस जियो के मालिक मुकेश अम्बानी ने  उल्लेख किया कि Jio द्वारा पेश की जाने वाली 5G सेवा सरकार की आत्मनिर्भर भारत नीति के लिए एक "गवाही" होगी। देश में 5G को रोल आउट करने के अलावा, Jio Google के साथ मिलकर एक किफायती एंड्रॉइड फोन पर भी काम कर रहा है, जो आने वाले महीनों में लॉन्च किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: एक्सिनोस 850 और क्वाड रियर कैमरा के साथ लॉन्च हुआ Samsung Galaxy A12, जानें नए फोन के दाम और वेरिएंट

मुकेश अम्बानी ने कहा है कि, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि Jio 2021 की दूसरी छमाही में भारत में 5G क्रांति को आगे बढ़ाएगा। यह स्वदेशी-विकसित नेटवर्क, हार्डवेयर और प्रौद्योगिकी घटकों द्वारा संचालित होगा।” इसे भी पढ़ें: BSNL के इस प्लान में केवल Rs 1.42 में मिलता है 1GB डाटा, जानें क्या है पूरे बेनिफ़िट

पिछले कुछ समय से Jio 5G पर काम कर रहा है। देशव्यापी LTE-एक्सक्लूसिव नेटवर्क कवरेज मुंबई-आधारित टेल्को को कम समय में अगली पीढ़ी की सेलुलर सेवा में बदलने में मदद कर रही है। भारत में 5जी को वास्तविकता में लाने के लिए, Jio सैमसंग और क्वालकॉम सहित कई कंपनियों के साथ काम कर रहा है। जुलाई में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 43वीं वार्षिक आम बैठक में अंबानी ने घोषणा की कि स्पेक्ट्रम उपलब्ध होते ही Jio देश में 5G नेटवर्क का परीक्षण शुरू कर दिया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Azadi Ka Amrit Mahotsav: क्या बात है अब आप भी रिकॉर्ड और अपलोड कर सकते हैं राष्ट्रगान, ये रहा ऑनलाइन तरीका

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Web Title: 4G Network VS 5G Network know the difference here
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