गरीब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईओटी, बिग डेटा, कोडिंग की ट्रेनिंग

By IANS | पब्लिश किया गया 24 Sep 2022
HIGHLIGHTS
  • भारत के 3,000 पिछड़े छात्रों के पहले बैच को प्रशिक्षित करने के लिए सैमसंग और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद के बीच एक समझौता भी हुआ है

  • इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर दुनिया भर में प्रतिभाशाली और कुशल भारतीयों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है

  • सैमसंग भारत में 26 साल से अधिक समय से उपस्थित है और देश के विकास में एक प्रतिबद्ध भागीदार की भूमिका निभा रहा है

भारत के 3,000 पिछड़े छात्रों के पहले बैच को प्रशिक्षित करने के लिए सैमसंग और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद के बीच एक समझौता भी हुआ है

सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत में पिछड़े और गरीब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईओटी, बिग डेटा, कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में भविष्य के तकनीकी अवसरों के लिए तैयार करेगा।

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भारत के 3,000 पिछड़े छात्रों के पहले बैच को प्रशिक्षित करने के लिए सैमसंग और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद के बीच एक समझौता भी हुआ है। समझौता कौशल विकास राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर की उपस्थित में हुआ।

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सैमसंग ने भारत में अपने सीएसआर प्रोग्राम सैमसंग इनोवेशन कैंपस को लॉन्च किया है। कैम्पस का लक्ष्य भविष्य की तकनीकों में 18-25 वर्ष की आयु के युवाओं को ट्रेनिंग प्रदान करना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी कौशल हैं। कार्यक्रम के लिए नामांकित युवा क्लासरूम और ऑनलाइन प्रशिक्षण से गुजरेंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डेटा और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग में से अपने चुने हुए तकनीकी क्षेत्रों में उपयोगी कैपस्टोन प्रोजेक्ट पूरा करेंगे।

इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर दुनिया भर में प्रतिभाशाली और कुशल भारतीयों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

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उन्होंने कहा, कौशल सिर्फ युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के लिए ही नहीं होना चाहिए, बल्कि यह उनकी समृद्धि के पासपोर्ट की तरह होना चाहिए, जहां दूसरों को रोजगार दिया जा सके और नए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें। कौशल जितना अधिक रोजगार देने वाला होगा, छात्र और युवा भारतीय उतना ही अधिक इसकी ओर आकर्षित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि डिजिटल अवसर प्रत्येक भारतीय को एक समान रूप से उपलब्ध होने चाहिए। इसी के साथ प्रधानमंत्री चाहते हैं कि इस प्रकार के प्रयास सिर्फ देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में ही नहीं, बल्कि टियर 2 और टियर 3 शहरों के विश्वविद्यालयों और संस्थानों की ओर से भी किए जाने चाहिए।

सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ केन कांग ने इस अवसर पर कहा, सैमसंग भारत में 26 साल से अधिक समय से उपस्थित है और देश के विकास में एक प्रतिबद्ध भागीदार की भूमिका निभा रहा है। हम देश के तकनीकी विकास के लिए सरकार के ²ष्टिकोण के साथ मिल कर काम कर रहे हैं। सैमसंग इनोवेशन कैंपस के माध्यम से, हम युवाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं और भविष्य के तकनीकी डोमेन में उनके लिए अवसर पैदा करना चाहते हैं। इस प्रयास के साथ हमारी कोशिश है कि भारत और तेजी से विकास करे।

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Gareeb bachchon ko artificial intelligence IOT big data coding ki training

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