AANYA SHUKLA
बॉलीवुड की फिल्म बॉर्डर 2 का इंतज़ार हर सिनेमा लवर को है, लेकिन जब तक यह OTT पर रिलीज़ नहीं होती तब तक देशभक्ति के जोश को बनाये रखने के लिए कुछ क्लासिक फिल्मे दोबारा देखी जाये।
अंग्रेज़ों से टैक्स के बदले क्रिकेट के मैदान में लड़ी गई अनोखी जंग जिसमे आम किसानों ने अपने आत्म-सम्मान के लिए मैदान में उतरकर इतिहास रच दिया। भारतीय सिनेमा की यह क्लासिक फिल्म आज भी प्रेरणा देती है।
How’s the Josh इस डायलॉग ने पूरे देश का जोश बढ़ा दिया। सच्ची घटनाओं पर आधारित Uri भारतीय सेना की वीरता, रणनीति और साहस को दर्शाती है। यह फिल्म देशभक्ति की भावना को नई ऊंचाई देती है।
शाहरुख़ ख़ान का किरदार मोहान हमें सिखाता है कि असली विकास अपनी जड़ों से जुड़ने में है। Swades दिल और दिमाग दोनों को झकझोर देती है और याद दिलाती है कि देश के बदलाव की शुरुआत हमसे होती है।
मस्ती में डूबे कुछ दोस्तों की कहानी जो एक हादसे के बाद जागरूक नागरिक बन जाते हैं। Rang De Basanti ने देशभक्ति को नया अर्थ दिया ये सिर्फ़ भावनाओं की नहीं, जिम्मेदारी की भी फिल्म है।
सच्ची घटनाओं पर आधारित Border हर बार आंखें नम कर देती है। युद्ध, दोस्ती और बलिदान की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि देश की रक्षा सिर्फ़ सैनिक नहीं, बल्कि पूरा देश करता है।
शाहरुख खान का यह रोल हर भारतीय के दिल में आज भी जिंदा है। महिला हॉकी टीम की कहानी जो एकजुटता और देश के सम्मान के लिए खेलती है यह फिल्म केवल खेल नहीं, एक मिशन है।
जब एक बेपरवाह लड़का अपने लक्ष्य को पहचानता है, तो वो देश का हीरो बन जाता है। Lakshya युवाओं को आत्म खोज और समर्पण की असली ताकत दिखाती है।