कमरे में हीटर चलाना हो सकता है जानलेवा, जानिए कैसे

AANYA SHUKLA 

सर्दियों में ठंड से बचने के लिए रूम हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल आम हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों की चेतावनी के मुताबिक बंद, बिना वेंटिलेशन वाले कमरे में इन गर्मी उपकरणों का उपयोग गंभीर खतरों को जन्म दे सकता है। 

सर्दियों में जब तापमान गिरता है, तो रूम हीटर हमारे सबसे बड़े साथी बन जाते हैं। लेकिन कई लोग इन्हें घंटों तक चलाए रखते हैं, जिससे कमरे की हवा सूख जाती है। इससे त्वचा में रूखापन, आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरनाक निर्माण

हीटर और ब्लोअर लंबे समय तक चलाने पर ओवरहीट हो सकते हैं, जिससे आसपास के कपड़े, पर्दे या फर्नीचर आग पकड़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हीटर को ज्वलनशील चीजों से कम से कम 3 फीट दूर रखना चाहिए। 

आग लगने का जोखिम

पुराने, टूटे या खराब तारों वाले हीटर/ब्लोअर से बिजली शॉक या सर्किट फॉल्ट हो सकता है। एक्सटेंशन कॉर्ड का उपयोग सीमित समय के लिए ही करना चाहिए और बेहतर यह है कि उपकरण को सीधे वॉल सॉकेट में प्लग किया जाए। 

बिजली और शॉक के खतरे

हीटर और ब्लोअर कमरे की हवा से नमी को भी कम कर देते हैं। इससे सूखी त्वचा, आँखों में जलन, खांसी और अस्थमा जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वेंटिलेशन न होने पर यह समस्या और बढ़ सकती है।

सूखी हवा  सांस की परेशानियाँ

कमरे में वेंटिलेशन रखें और थोड़ी-थोड़ी देर बाद खिड़कियां खोलें। हीटर या ब्लोअर को बच्चों और बुजुर्गों से दूरी पर रखें लगातार इस्तेमाल न करें, बीच-बीच में उपकरण को ठंडा होने दें यदि संभव हो तो CO डिटेक्टर इंस्टॉल करें ताकि गैस का स्तर समय रहते पता चले। 

 सुरक्षित इस्तेमाल के सुझाव

सर्दियों में गर्माहट जरूरी है, पर सुरक्षा और जानकारी के बिना ये उपकरण आपकी सेहत और जान के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।